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गुजराती में जेईई परीक्षा पर ममता बनर्जी ने उठाए केन्द्र पर सवाल

By Republichindi desk | Publish Date: 11/8/2019 11:33:00 AM
गुजराती में जेईई परीक्षा पर ममता बनर्जी ने उठाए केन्द्र पर सवाल

रिपब्लिक डेस्कः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र को फिर से पक्षपात के लिए घेरा है. इस बार ममता बनर्जी ने ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम (जेईई मेन) की भाषा को लेकर सवाल किया है. जेईई  में हिंदी-अंग्रेजी के साथ गुजराती भाषा को वैकल्पिक भाषा के तौर पर शामिल किया जाएगा. इस पर ममता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मुझे गुजराती भाषा पसंद है, लेकिन अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को नजरअंदाज क्यों किया गया. यदि जेईई मेन की परीक्षा गुजराती में हो रही है तो फिर बांग्ला समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए.

वहीं,नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि गुजरात ने हमसे अनुरोध किया था इसलिए गुजराती में प्रश्नपत्र उपलब्ध करने की व्यवस्था है. बाकी के राज्यों ने इस संबंध में हमसे कोई संपर्क नहीं किया. ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, 'आश्चर्य की बात है जेईई मेन हिंदी और अंग्रेजी में होती है, वहीं विकल्प के तौर पर परीक्षा में केवल गुजराती भाषा को जोड़ा गया. सरकार का ये कदम सराहनीय नहीं कहा जा सकता. मैं गुजराती भाषा से प्यार करती हूं लेकिन हमारी क्षेत्रीय भाषा को क्यों अनदेखा किया जा रहा है. ऐसा अन्याय हमारे साथ क्यों किया जा रहा है. इस मुद्दे को गंभीरता से सुलझाया जाना चाहिए.'  दीदी ने  ट्वीट कर कहा, 'हमारा देश भारत कई भाषाओं और धर्म और संस्कृतियों और समुदायों का घर है. हालांकि, केंद्र सरकार की मंशा सभी क्षेत्रों और क्षेत्रीय भाषाओं को खराब करना है.'

बता दें कि इससे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा है कि गुजरात ने हमसे अनुरोध किया था इसलिए गुजराती में प्रश्नपत्र उपलब्ध करने की व्यवस्था है. बाकी के राज्यों ने इस संबंध में हमसे कोई संपर्क नहीं किया है. 2013 में सभी राज्यों को अनुरोध भेजा गया था. सिर्फ गुजरात ही अपने इंजिनियरिंग कॉलेजों में स्टूडेंट्स को जेईई(मेन) के जरिए दाखिला दिलवाने के लिए तैयार हुआ और उसने साथ में अपील की थी कि प्रश्नपत्र गुजराती भाषा में उपलब्ध होना चाहिए.
 

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