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सुप्रीम कोर्ट से नियोजित शिक्षकों को बड़ा झटका, नहीं मिलेगा वेतनमान

By Republichindi desk | Publish Date: 5/10/2019 11:31:21 AM
सुप्रीम कोर्ट से नियोजित शिक्षकों को बड़ा झटका, नहीं मिलेगा वेतनमान

पटना: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बिहार के नियोजित शिक्षकों को बहुत बड़ा झटका लगा है. समान काम के बदले समान वेतन की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के नियोजित शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान देने से इंकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नियोजित शिक्षकों पर समान काम के बदले समान वेतन का फार्मूला लागू नहीं होता है.

नहीं मिलेगा पूर्ण वेतनमान, बिहार सरकार की जीत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार के नियोजित शिक्षकों को मानदेय पर ही काम करना होगा. उनको अब पूर्ण वेतनमान देना संभव नहीं होगा. बिहार के नियोजित शिक्षक काफी दिनों से समान काम के बदले समान वेतन की मांग कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है. पटना हाई कोर्ट ने नियोजित शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया था. पटना हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी. बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. बीते 3 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख दिया था और आज इस पर फैसला सुना दिया गया है.

तीन लाख से अधिक हैं नियोजित शिक्षक

बिहार में नियोजित शिक्षकों की संख्या 3,75,000 है. नीतीश कुमार जब बिहार के मुख्यमंत्री बने थे तब शिक्षकों की कमी को देखते हुए पहले शिक्षा मित्रों की बहाली हुई थी. उसके बाद शिक्षकों का नियोजन किया गया था. नियोजित शिक्षकों को तयशुदा मानदेय दिया गया था. समीक्षा के उपरांत मानदेय में बढ़ोतरी भी की जाती रही. नियोजित शिक्षक समान काम के बदले समान वेतन की मांग कर रहे थे. काफी सालों से यह मांग नियोजित शिक्षकों द्वारा की जा रही थी. कई बार आंदोलन और धरना प्रदर्शन भी किया गया लेकिन बिहार सरकार अपने स्टैंड से टस से मस नहीं हुई.

 

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