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पाकिस्तान पर बरसे यूरोप से आये सांसद: कही ये बड़ी बात

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 10/30/2019 1:18:25 PM
पाकिस्तान पर बरसे यूरोप से आये सांसद: कही ये बड़ी बात

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गए 23 यूरोपीय सांसदों ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया कि वह इस दौरे पर क्यों आए हैं और इसका मकसद क्या है. उन्होंने कहा कि हमारे दौरे को गलत तरीके से प्रचारित किया गया, दौरे पर विवाद सही नहीं है. सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं, आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे.

डेलिगेशन की ओर से कहा गया कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और कश्मीर के लोगों को काफी उम्मीदें हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में EU सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है. हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे. अनुच्छेद 370 को इन सांसदों ने भारत का आंतरिक मसला बताया और कहा कि भारत-पाकिस्तान को आपस में बात करनी चाहिए.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में EU सांसदों की ओर से कहा गया कि हम लोग नाज़ी लवर्स नहीं हैं, अगर हम होते तो हमें कभी चुना नहीं जाता. उन्होंने इस शब्द के प्रयोग पर काफी आपत्ति भी जताई. बता दें कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने EU सांसदों की तुलना नाज़ी लवर्स से की थी और उनपर निशाना साधा था.

भारत के साथ आतंकवाद आज एक वैश्विक समस्या है और वह आतंकवाद के खिलाफ भारत का पुरजोर समर्थन करते हैं. एक सांसद ने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों को फंडिंग करता है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या है और इसके खिलाफ जंग में हम भारत के साथ हैं. पाकिस्तान में ईसाईयों की हालत से हम चिंतिंत हैं और यह स्थिति दुनियाभर में है. कश्मीर पर कई देशों द्वारा जारी की गई एडवाइजरी पर एक सांद ने कहा कि वह यूरोप के लोगों से कश्मीर जाना चाहिए.

यूरोपियन यूनियन के सांसद ने बताया कि हमने भारत सेना से आतंक से निपटने के तरीके पूछे. उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में विकास अच्छे तरीके से हो रहा है.
अनुच्छेद 370 के बारे में यूरोपियन यूनियन के सांसद सांसदों ने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है. इस पर भारत और पाकिस्तान को एक दूसरे से बात करनी चाहिए. यूरोपियन यूनियन के सांसद सांसद ने कहा कि उन्हें दौरे के दौरान ज्यादा लोगों से मिलने का वक्त नहीं मिला.

एक सांसद ने कहा कि मैं चालीस साल में करीब 20 बार भारत आ चुका हूं. इससे भारत के कई शहरों में आया हूं. हमारा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को लेकर जानकारी हासिल करना था. कश्मीर में स्थितियां अब लगभग सुलझने को हैं. 10-उन्होंने कहा कि कश्मीर में बहुत भ्रष्टाचार है और अब वहां हालात सुधर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग भी शांति चाहते हैं, स्कूल और कॉलेज चाहते हैं.

यूरोपियन यूनियन के सांसद ने कहा कि हमारे दौरे को गलत प्रचारित किया गया और यह एक सामान्य दौरा है. उन्होंने कहा कि हमें भारतीय राजनीति से मतलब नहीं है और कश्मीर के लोग विकास चाहते हैं और शांति चाहते हैं. हम आपकी समस्या समझने के लिए कश्मीर में हैं और हम हिटलर के समर्थक नहीं हैं.

यूरोपियन यूनियन के सांसद ने कहा कि कश्मीर आना अच्छा अनुभव था और हम जम्मू-कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान बनते हुए नहीं देखना चाहते हैं. हमनें दुनियाभर में आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ी है.  उन्होंने कश्मीर में हुई मजदूरों की हत्या को दर्दनाक बताया. उन्होंने कहा कि आतंकियों की ओर से ऐसी हत्याएं किया जाना दर्दनाक है. उन्होंने मजदूरों की हत्या पर दुख जताया.




 

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