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यहां पानी से सस्ता है पेट्रोल, सोने से महंगा है खाना, सेना ने किया विद्रोह

By Republichindi desk | Publish Date: 2/11/2019 11:39:33 AM
यहां पानी से सस्ता है पेट्रोल, सोने से महंगा है खाना, सेना ने किया विद्रोह

काराकास: वेनेजुएला में एक लीटर पेट्रोल की कीमत केवल 62 पैसे है. अगर, भारत से मुकाबला करें तो यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको जितनी कीमत चुकानी पड़ती है, उसमें आप वहां 100 लीटर से भी ज्यादा पेट्रोल खरीद सकते हैं, दूसरी ओर खाने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं. वेनेजुएला में एक किलो चिकन 10277 रुपये, सामान्यन खाना 34 हजार रुपये, दूध की कीमत 5 हजार रुपये प्रति लीटर, 6535 रुपये में एक दर्जन अंडे, 11 हजार रुपये किलो टमाटर, 16 हजार रुपये मक्ख न, 17 हजार रुपये किलो आलू मिल रहा है, वहां की सेना ने विद्रोह कर दिया है.

वेनेजुएला की सेना में डॉक्टर कर्नल रुबेन पाज जिमेनेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से अपनी वफादारी खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने विपक्ष के नेता जुआन गुएडो का समर्थन किया है. वेनेजुएला की सेना में डॉक्टर कर्नल रुबेन पाज जिमेनेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से अपनी वफादारी खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने विपक्ष के नेता जुआन गुएडो का समर्थन किया है. कर्नल ने शनिवार को जारी एक वीडियो में कहा कि सशस्त्र बलों में हमारे में से 90 फीसदी लोग वास्तव में नाखुश हैं. हमें उन्हें सत्ता में बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

उन्होंने अपने साथी सैनिकों से वेनेजुएला को मानवीय सहायता देने में मदद करने का अनुरोध किया. अमेरिका से सहायता सामग्री लेकर आ रहा जहाज अभी सीमा पर कोलंबिया के कुकुटा में है. मादुरो ने जहाज को प्रवेश से रोकने का संकल्प जताया है. उन्होंने इसे अमेरिकी आक्रमण का अग्रदूत बताया. एक सप्ताह पहले ही वायु सेना जनरल फ्रांसिस्को यानेज ने भी मादुरो से अपनी वफादारी खत्म कर दी थी. वेनेजुएला में सत्ता में रहने के लिए सेना का समर्थन महत्वपूर्ण होता है.

आर्थिक हालत बेहद खराब

वेनेजुएला के आर्थिक हालात बेहद खराब हो गए हैं. यहां महंगाई आसमान छू रही है. यहां आलम यह है कि यहां एक ब्रेड की कीमत हजारों रुपए हो गए हैं. एक किलो मीट के लिए 3 लाख रुपए और एक लीटर दूध के लिए 80 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं. यहां की सरकार ने दुनिया भर के देशों से गुहार लगाई है कि वे यहां के हालात सुधारने में उनकी मदद करें. वहीं कोलंबिया का कहना है कि चंद दिनों में वेनेजुएला के करीब 10 लाख लोग उसके यहां आकर शरण ले चुके हैं, जिसके चलते उनपर दबाव बन रहा है. यहां महंगाई दर 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच चुका है. वेनेजुएला में एक कप कॉफी की कीमत 2000 बोलिवर है.

दिन रात नोट छाप रही सरकार

वेनेजुएला सरकार दिन रात नोट छाप रही है ताकि बजट पूरा किया हो सके. लेकिन इन सबके कारण हालात बिगड़ गए हैं. वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक नर्स मेगुआलिदा ओरोनोज का कहना है कि हम सब यहां अरबपति हैं. लेकिन फिर भी हम गरीब हैं. मेरा वेतन 50 लाख महीना है, लेकिन मैं अपने बच्चे के लिए ढंग का एक वक्त का खाना नहीं खरीद सकती. दक्षिण वेनेजुएला के सिडाड गुयाना में एक दुकानदार की जुबानी से समझिए कि हालात कितने खराब हैं. उसका कहना है कि वह 500 और 1000 बोलिवर (वेनेजुएला करंसी) लेता ही नहीं है. वह सिर्फ 1 लाख के नोट स्वीकार करता है. वेनेजुएला में एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर को अपना जूता मरम्मत करवाने के लिए चार महीने की सैलरी के बराबर 20 अरब बोलिवर (करीब 4 लाख रुपये) देने पड़े.

लोग एक दूसरे की हत्या  कर रहे

वेनेजुएला का आर्थिक संकट आज की तारीख में किसी से छिपा नहीं है. आलम ये है कि वहां पर लोगों को खाने के लाले पड़ रहे हैं. अंतरराष्ट्री य मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वहां पर भूखमरी का आलम ये है कि एक किलो चावल के लिए लोग एक दूसरे की हत्यान करने से भी नहीं चूक रहे हैं. इतना सब होने के बाद भी वहां के राष्ट्रकपति निकोलस मादुरो ने अंतरराष्ट्री य मदद को ये कहते हुए इन्कासर कर दिया है कि उनका देश भिखारी नहीं है. यह हाल तब है जब आर्थिक तौर पर बदहाली का सामना कर रहे वेनेजुएला में मुद्रास्फीति की दर 13 लाख फीसद तक बढ़ चुकी है.

ठुकराई अंतरराष्ट्रीेय मदद

इसके बावजूद अमेरिका से सहायता सामग्री लेकर आ रहे जहाज को वेनेजुएला आने से पहले ही रोक दिया गया है. यह जहाज अभी कोलंबिया के कुकुटा में है. मादुरो ने जहाज को प्रवेश से रोकने का संकल्प जताया है. उन्होंने इसे अमेरिकी आक्रमण का अग्रदूत बताया. यहां पर ये भी ध्याेन में रखने वाली बात है कि मादुरो सरकार ने अंतरराष्ट्रीेय सहायता को रोकने के लिए कोलंबिया-वेनेजुएला सीमा पर बने उस पुल को अवरुद्ध कर दिया है जो आपूर्ति का एक प्रमुख बिंदु है. राष्ट्रेपति मादुरो ने अंतरराष्ट्री य सहयोग ठुकराते हुए यहां तक कह दिया है कि मानवता के दिखावे के नाम पर हो रही मदद को हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे. वेनेजुएला में मानवता पर संकट का झूठा प्रचार पिछले चार साल से किया जा रहा है. लेकिन यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं है. उन्हों्ने इसके लिए अमेरिका पर आरोप लगाते हुए यहां तक कहा कि वह हमारे आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है.
 

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