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आर्टिकल 370 का कर्ण सिंह ने किया समर्थन, आजाद के बिगड़े बोल

By Republichindi desk | Publish Date: 8/8/2019 2:17:13 PM
आर्टिकल 370 का कर्ण सिंह ने किया समर्थन, आजाद के बिगड़े बोल

रिपब्लिक डेस्क: सरकार के जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने से संबंधित आर्टिकल 370 को हटाने के फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ कर्ण सिंह ने सरकार का समर्थन किया है. उन्होंने आर्टिकल 35A हटाने का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाया जाना स्वागत योग्य कदम है. आर्टिकल 35A में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को दुरुस्त करने की जरूरत थी. मेरी मुख्य चिंता जम्मूर-कश्मीर के सभी वर्गों और क्षेत्रों के कल्याण की है. गौरतलब है कि डॉ कर्ण सिंह महाराजा हरि सिंह के पुत्र हैं.

उधर कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने विवादित बयान दिया है. गुलाम नबी आज़ाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval) के एक वीडियो को लेकर उन पर करारा हमला बोला. एनएसए अजीत डोभाल ने कल शोपियां में स्थानीय लोगों के साथ एक वीडियो बनाया था, जिसमें वो लोगों से बातचीत करते हुए देखे गए थे. इस वीडियो पर हमला बोलते हुए गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि पैसे देकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो.

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को पुनर्गठित किए जाने के बाद कश्मीर घाटी में पैदा हालात पर नजर रखने के लिए अजीत डोभाल  ने घाटी के विभिन्न इलाकों में दौरा कर सुरक्षाबलों से लेकर आम लोगों से मुलाकात की. इस दौरान वह लोगों के साथ चाय पीते भी देखे गये. आतंकियों का गढ़ कहलाने वाले दक्षिण कश्मीर के शोपियां में उन्होंने सड़क पर लोगों के साथ खाना भी खाया.

जम्मू कश्मीर कांग्रेस के प्रमुख गुलाम अहमद मीर और उन्हें आज श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया और उनको दिल्ली वापस भेज दिया गया. वह जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पहली बार वहां पहुंचे थे. बता दें, केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 (Article 370) हटाने का फैसला लिया, जिसका कई विपक्षी पार्टियों ने विरोध भी किया. इसका विरोध करने वाली पार्टियों में कांग्रेस भी शामिल थी.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस फैसले पर कहा था कि केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म कर देश के सिर के टुकड़े कर दिए हैं, साथ ही जम्मू और कश्मीर के लोगों को राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से खत्म कर दिया है. आजाद ने मोदी सरकार पर 'वोट हासिल करने के लिए' यह कदम उठाने का आरोप भी लगाया है.

सूत्रों ने बताया है कि तीन व्यावसायिक नेताओं और एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, मुख्यधारा और अलगाववादी कार्यकर्ताओं सहित लगभग 400 लोगों को कश्मीर में नवीनतम कार्रवाई में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित किया गया है. जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जान के बाद गुरुवार की सुबह से जम्मू में लोग अपनी जरूरत के कामों के लिए सड़कों पर निकल रहे हैं.

पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर लिखा कि मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर किए गए फैसले का समर्थन करता हूं. साथ ही भारत में इसके पूर्ण एकीकरण का भी समर्थन करता हूं. हालांकि, उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि अगर संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया होता. तब इस मामले पर कोई भी सवाल नहीं उठाया जा सकता था. फिर भी, यह हमारे देश के हित में है और मैं इसका समर्थन करता हूं. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर उठाए गए कदम और भारत देश में उनके पूर्ण रूप से एकीकरण का मैं समर्थन करता हूं. संवैधानिक प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाता तो बेहतर होता, साथ ही कोई प्रश्न भी खड़े नहीं होते. लेकिन ये फैसला राष्ट्र हित मे लिया गया है और मैं इसका समर्थन करता हूं.

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