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6 दिसंबर 1992: 5 घंटे में ऐसे ध्वस्त हुई बाबरी मस्जिद

By Republichindi desk | Publish Date: 12/6/2018 12:42:33 PM
6 दिसंबर 1992: 5 घंटे में ऐसे ध्वस्त हुई बाबरी मस्जिद
रिपब्लिक डेस्कः आज से 26 साल पहले अयोध्या में 6 दिसंबर को अयोध्या की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया. उग्र भीड़ ने तकरीबन 5 घंटे में ढांचे को तोड़ दिया. इसके बाद देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए और सैकड़ों बेगुनाह मारे गए.
 
6 दिसंबर 1992 की सुबह तक करीब साढ़े 10 बजे लाखों की संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुंच गए थे. भीड़ उन्मादी हो चुकी थी. विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल, कारसेवकों के साथ वहां मौजूद थे. थोड़ी ही देर में बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी भी जुड़ गए. इसके बाद वहां लालकृष्ण आडवाणी भी पहुंच गए. लालकृष्ण आडवाणी राममंदिर आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा थे.
 
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में भारी सुरक्षा के बीच बीजेपी नेताओं की अगुवाई में भीड़ बाबरी मस्जिद की तरफ बढ़ रही थी. हालांकि पहली कोशिश में पुलिस इन्हें रोकने में कामयाब रही थी. फिर अचानक दोपहर में 12 बजे के करीब कारसेवकों का एक बड़ा जत्था मस्जिद की दीवार पर चढ़ने लगा. लाखों की भीड़ में कारसेवक मस्जिद पर टूट पड़े और कुछ ही देर में मस्जिद को कब्जे में ले लिया. 
 
पुलिस के आला अधिकारी मामले की गंभीरता को समझ रहे थे. लेकिन गुंबद के आसपास मौजूद कारसेवकों को रोकने की हिम्मत किसी में नहीं थी. दोपहर के तीन बजकर चालीस मिनट पर पहला गुंबद भीड़ ने तोड़ दिया और फिर 5 बजने में जब 5 मिनट का वक्त बाकी था तब तक पूरा का पूरा विवादित ढांचा जमींदोज हो चुका था. भीड़ ने उसी जगह पूजा अर्चना की और राम शिला की स्थापना कर दी.
 
हालांकि अयोध्या में 20 नवंबर से ही कारसेवक जुटने लगे थे, जिससे केंद्र की नरसिम्हा राव की सरकार के हाथ पांव फूलने लगे. केंद्र सरकार यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में सोचने लगी. ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके गांरटी दी कि बाबरी मस्जिद की हर हाल में सुरक्षा करेंगे. बता दें, 1528 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था.

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