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लखीसराय में मंत्री विजय सिन्हा का रौद्र रूप, एसडीओ एसडीपीओ से उलझे

By Republichindi desk | Publish Date: 10/31/2019 1:48:12 PM
लखीसराय में मंत्री विजय सिन्हा का रौद्र रूप, एसडीओ एसडीपीओ से उलझे

पटना: लखीसराय से बड़ी खबर आ रही है. राज्य सरकार के श्रम संसाधन मंत्री और लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर अधिकारियों से उलझते हुए नजर आए. इस बार लखीसराय के सदर एसडीओ और सदर एसडीपीओ से उनका विवाद हुआ है. विजय सिन्हा पहले भी अधिकारियों से टकराते रहे हैं. दारोगा, बीडीओ, सीओ से किसी मुद्दे को लेकर उलझने वाले विजय सिन्हा इस बार कार्यकर्ता के अपमान के मुद्दे पर एसडीओ और एसडीपीओ से उलझ गए.

लखीसराय के महावीर स्थान घाट पर हुई तकरार

लखीसराय के महावीर अस्थान घाट पर एक दैनिक अखबार द्वारा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया था. जिले के अधिकारियों के अलावा मंत्री विजय सिन्हा को भी आयोजकों द्वारा नियंत्रित किया गया था. इसी दौरान यह वाकया हुआ है. सदर एसडीओ और एक कार्यकर्ता के बीच किसी बात को लेकर अनबन हुई और विजय सिन्हा उसमें कूद पड़े. इसके बाद विजय सिन्हा को चिल्लाते हुए कैमरे में कैद किया गया. हालांकि एसडीओ शांत रहे लेकिन बीच-बीच में कई तरह की आवाजें भी आती रही.

जितने मुंह उतनी बातें, औकात दिखाने तक की हुई बात

घटना को लेकर जितने मुंह उतनी बातें कही जा रही हैं. वायरल हुए वीडियो में विजय सिन्हा यह कहते हुए दिख रहे हैं कि यदि कार्यकर्ता ने एसडीओ को भैया बोल दिया तो कौन सी बड़ी बात हो गई. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि विजय सिन्हा वहां पहले पहुंच गए थे. एसडीओ और दूसरे अधिकारियों को आने में विलंब हुआ. इस पर एक कार्यकर्ता ने एसडीओ  पर यह कह कर ताना मारा कि लेट आबहीं भईबा. एसडीओ इसी बात को लेकर नाराज हो गए. जाहिर है कि प्रशासनिक पदाधिकारी को इस तरह से कहना किसी सूरत में उचित नहीं था. कुछ लोगों का कहना था कि एसडीओ को बबुआ कह कर संबोधित किया गया और उनके लिए स्थानीय मगही भाषा में तू- तड़ाक शब्दों का इस्तेमाल हुआ था. मंत्री समर्थकों की मानें तो एसडीओ को भैया कहा गया था. हालांकि यह अपने आप में समझने की बात है कि यदि कोई कार्यकर्ता किसी अधिकारी को भैया कहेगा तो अधिकारी नाराज नहीं हो सकता है. वैसे भी फील्ड में कई सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता अधिकारियों को सर या भैया कहते ही हैं. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.

इसके बाद अब बारी विजय सिन्हा की थी. उन्होंने एसडीओ पर चिल्लाना शुरू कर दिया. बीच में एसडीपीओ की आवाज भी आई. लखीसराय एसपी सुशील कुमार बीच-बचाव करते हुए दिखे. वायरल हुए वीडियो में औकात दिखाने और औकात में रहने जैसे शब्द भी सुनाई पड़ रहे हैं.

एसडीओ रहे शांत, विजय सिन्हा को नहीं खोना चाहिए था आपा

निष्पक्ष और तटस्थ लोगों की मानें तो एसडीओ पर मंत्री ने जब बोलना शुरू किया तो एसडीओ शांति से सुनते रहे. विजय सिन्हा को भी इतने तीखे आवाज में सार्वजनिक तौर पर नहीं बोलना चाहिए था. यदि कार्यकर्ता ने कुछ कहा भी था तो विजय सिन्हा को धैर्य रखना चाहिए था. यदि एसडीओ और दूसरे अधिकारियों को आने में विलंब हुआ तो विजय सिन्हा अधिकारियों को प्रोटोकॉल का पालन करने की नसीहत भी दे सकते थे लेकिन सार्वजनिक तौर पर इस तरह अधिकारियों से उलझने को सही नहीं कहा जा सकता है.

पहले भी सीओ और थानेदार से हो चुकी है तकरार

विजय सिन्हा पहले भी लखीसराय के स्थानीय अधिकारियों से किसी न किसी बात पर उलझते और भड़कते रहे हैं. एक बार वे लखीसराय के एक  थानेदार के खिलाफ धरना पर ही बैठ गए थे. बड़हिया सीओ के खिलाफ भी उन्होंने एक बार काफी विष वमन किया था. स्थानीय लोगों की मानें तो तो विजय सिन्हा के मन में एक टीस जरूर रहती है कि लखीसराय जिला प्रशासन उनकी तुलना में सांसद ललन सिंह को ज्यादा तवज्जो देता है. विजय सिन्हा इसी बात को पचा नहीं पाते हैं और गाहे-बगाहे उनकी भड़ास निकलते रहती है.

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