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राजनीतिक लड़ाई में माहिर हैं ममता, धरनास्थल से ही चला रहीं हैं शासन

By Republichindi desk | Publish Date: 2/4/2019 11:07:40 AM
राजनीतिक लड़ाई में माहिर हैं ममता, धरनास्थल से ही चला रहीं हैं शासन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी रविवार की रात से ही धर्मतल्ला में मेट्रो के विपरीत धरने पर बैठी हैं. सोमवार को विधानसभा में बजट पेश होना है. शायद ही ऐसी स्थिति देश में पहले कभी देखने को मिली हो कि सड़क पर कैबिनेट की बैठक हुई हो. बजट को लेकर कैबिनेट की बैठक धरनास्थल के पास ही पुलिस केबिन में होगी. राज्य बजट पेश किये जाने के दौरान भी ममता बनर्जी धरनास्थल पर ही मौजूद रहेंगी. साथ ही कृषक और खेत मजदूर सम्मेलन को भी ममता बनर्जी ने धरनास्थल से ही वीडिये कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया.

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इसी धर्मतल्ला में 27 दिनों तक अनशन कर 34 वर्षों की वाममोर्चा शासन को उखाड़ फेंकनेवाली ममता इस बार राज्य में सत्ता में हैं और केंद्र की बीजेपी सरकार को उखाड़ने के लिए संघर्ष कर रहीं हैं. गौरतलब है कि रविवार की शाम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पूछताछ करने गई केंद्रीय एजेंसी सीबीआई के अधिकारियों को राज्य पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. बाद में सीएम के निर्देश पर उनको छोड़ दिया गया. ममता बनर्जी आरोपी कमिश्नर के साथ सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गईं. इधर सीबीआई इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गयी हैं, जिसकी सुनवायी मंगलवार को होगी.

पश्चिम बंगाल में अब तक हुए हंगामे का राजनीतिक पक्ष लोकसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ममता को समर्थन दिया है और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष रखा. विपक्ष का यह तर्क है कि बीजेपी केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रही है.

विपक्षी दलों का समर्थन

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने ममता से फोन पर बात की और उनके प्रति एकजुटता जाहिर की है.

क्या है मामला

सारदा और रोजवैली चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए सीबीआई की एक टीम रविवार शाम को कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची थी. तुरंत ही राज्य पुलिस के आला अधिकारी वहां पहुंच गए और सीबीआई टीम को रोक लिया. इसी बीच ममता बनर्जी भी आनन-फानन में कुमार के घर पहुंच गईं. पुलिस ने सीबीआई के 5 अफसरों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें 2-3 घंटे बाद छोड़ दिया गया. पुलिस टीम कोलकाता में सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर पहुंच गई. ममता सीबीआई की कार्रवाई को केंद्र की राजनीतिक साजिश बताकर मेट्रो चैनल पर राजीव कुमार के साथ धरने पर बैठ गई हैं.

ममता बनर्जी ने मीडिया के सामने कहा, 'मुझ पर बहुत दबाव डाला गया. देश नरेंद्र मोदी से परेशान है.' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र हम पर दबाव बना रहा है. राज्य के कई हिस्सों में टीएमसी कार्यकर्ता आधी रात को ही 'रेल रोको प्रोटेस्ट' करने निकल पड़े. कई जगह से आगजनी की खबरें भी आईं. डीजीपी और मुख्य सचिव ने गवर्नर केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की. गवर्नर ने हालात नियंत्रण में होने की बात कही. सीबीआई ने भी गवर्नर से मिलने का समय मांगा.

सीबीआई का आरोप

अंतरिम सीबीआई चीफ एम. नागेश्वर का कहना है कि राजीव कुमार ने सबूतों को मिटाने की कोशिश की है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की ओर से अधिकारियों की दायरे से बाहर जाकर की गई गिरफ्तारी और उनसे हुई धक्का-मुक्की के आधार पर कार्य में बाधा डालने संबंधी आरोप लगाए जाएंगे. इसे लेकर पश्चिम बंगाल सरकार का तर्क है कि सीबीआई अधिकारी बिना सर्च वॉरन्ट के ही छापेमारी करने आए थे. कोर्ट में सरकार केंद्र द्वारा सीबीआई के दुरुपयोग का राजनीतिक तर्क भी दे सकती है. यहां महत्वपूर्ण है कि राजीव कुमार को पहले भी कई बार पूछताछ के लिए सीबीआई द्वारा बुलाया जा चुका था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे. रविवार को भी अधिकारियों से कहा गया था कि राजीव घर पर नहीं हैं, जबकि बाद में घर से निकलकर ही वह धरने में शामिल हुए.

कौन हैं राजीव कुमार

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को बचाने के लिए खुलकर आ गईं. इससे राजीव कुमार सुर्खियों में आ गए हैं. अब यहां सवाल यह उठ रहा है कि आखिर राजीव कुमार कौन हैं, जिनके लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष ममता बनर्जी पूरी रात धरने पर बैठी रहीं. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को ममता बनर्जी का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. उनको साल 2016 में सुरजीत कर पुरकायस्थ की जगह कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाया गया था. साथ ही पुरकायस्थ को प्रमोट करके सीआईडी डिपार्टमेंट भेज दिया गया था. इससे पहले राजीव कुमार विधाननगर पुलिस कमिश्नरी में बतौर पुलिस कमिश्नर तैनात रह चुके हैं.

राजीव कुमार 1989 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं. वो कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) चीफ के रूप में भी काम कर चुके हैं. राजीव कुमार ने शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले की जांच करने वाली स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का भी नेतृत्व किया था. यह चिटफंड घोटाला साल 2013 में सामने आया था.

ममता ने बताया सबसे ईमानदार अधिकारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को दुनिया का सबसे ईमानदार अधिकारी बताया है. ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, 'कोलकाता के पुलिस कमिश्नर दुनिया के सबसे बेहतरीन अधिकारियों में से एक हैं. उनकी सत्यनिष्ठा, बहादुरी और ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है. वो 24 घंटे काम करते हैं.' उन्होंने बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठ हमेशा झूठ ही रहता है.
 

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