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क्या लालू और शरद सुलझा पायेंगे बिहार महागठबंधन का पेंच

By Republichindi desk | Publish Date: 1/3/2019 2:39:39 PM
क्या लालू और शरद सुलझा पायेंगे बिहार महागठबंधन का पेंच

न्यूज़ डेस्क. बिहार में एनडीए के दलों के मध्य सीटों का संख्या के आधार पर बंटवारा हो गया है. सीटें निर्धारित होना शेष है जो कि मकर सक्रांति के बाद होगा. दूसरी तरफ महागठबंधन में शरीक दलों के मध्य संख्या भी निर्धारित नहीं हुई है. देरी की मुख्य वजह राजद सुप्रीमो लालू यादव स्वयं हैं. उपेंद्र कुशवाहा 6 सीट मांग रहे हैं, जबकि शरद यादव 3 सीटों पर दावा ठोक रहे हैं. लालू ऐसे में कोई फैसला लेने से पहले समय ले रहे हैं.

एनडीए से टूटकर अलग हुए उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल का विलय भी लालू यादव की वजह से थम गया है. आरजेडी प्रमुख इस विलय से खुश नहीं है और रालोसपा किसी भी सूरत में महागठबंधन का नेतृत्व कर रही आरजेडी को नाराज नहीं करना चाहती है. विलय में देरी पर रालोसपा के एक नेता ने कहा, वरिष्ठ नेता नागमणि ने लालू प्रसाद से रांची में मुलाकात के बाद स्थानीय पत्रकारों से उपेंद्र कुशवाहा को बिहार का सीएम बनने की बात कह दी. उनकी इस बात से लालू और कुशवाहा दोनों असहज हो गए. सभी जानते हैं कि आरजेडी तेजस्वी प्रसाद यादव को सीएम उम्मीदवार के तौर पर प्रॉजेक्ट कर रही है.

शरद यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में सीतामढ़ी, जमुई और मधेपुरा की सीट चाहते हैं. लेकिन आरजेडी उन्हें 3 सीट नहीं देना चाह रही है. हालांकि शरद यादव 5 जनवरी को लालू प्रसाद यादव से मिलने वाले हैं. इसके अलावा लोकतांत्रिक जनता दल के नेता गठबंधन के भविष्य और आरएलएसपी में विलय को उम्मीद कायम रखे हुए हैं. लोकतांत्रिक जनता दल के नेता अली अनवर ने कहा, हम आरएलएसपी के साथ विलय की बात कर रहे हैं बातचीत जारी है. यह आज नहीं तो कल होकर रहेगा, हमारा लक्ष्य है कि महागठबंधन बीजेपी के खिलाफ सशक्त ताकत के रूप में उभरे.

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