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हनी ट्रैप कांड का सीक्रेट: नेताओं के विडियो हैं बेशकीमती, लीक होने का खतरा

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 10/1/2019 12:37:26 PM
हनी ट्रैप कांड का सीक्रेट: नेताओं के विडियो हैं बेशकीमती, लीक होने का खतरा

रिपब्लिक डेस्क: देश का सबसे बड़ा 'सेक्स स्कैंडल' मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप कांड को माना जा रहा है. मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही हनी ट्रैप के आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया था. इसलिए आरोपियों ने लोकसभा चुनाव के समय वीडियो को मोटे दामों में बेचने की कोशिश की. आरोपियों की कुछ नेताओं से बातचीत भी हुई लेकिन पैसों को लेकर सौदेबाजी अटक गई. आरोपी युवतियां 30 करोड़ रुपये मांग रही थीं जबकि नेता छह करोड़ रुपये तक देने को तैयार थे. विडियो न केवल संवेदनशील हैं बल्कि बहुमूल्य भी हैं. ऐसे में सबसे बड़ा चैलेंज विडियो को गलत हाथों में जाने से रोकने का है.

सूत्रों का कहना है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बदलने पर इन महिलाओं का नई सरकार में दखल कम हो चला था. सीएम कमलनाथ ने मामले में शामिल नौकरशाहों के बारे में और अधिक जानकारी मांगी है. साथ ही एसआईटी को निर्देश किए है कि पद का ख्याल किए बिना कार्रवाई हो और कोई भी बचने न पाए. मामले की जांच काफी संवेदनशील है और आरोपियों से केवल वरिष्ठ अधिकारी ही मुलाकात कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार एक राजनीतिक दल के नेता कई विडियो को 6 करोड़ रुपये में खरीदने को राजी भी हो गए, मगर महिलाएं और उनके करीबी लोग 30 करोड़ रुपये से कम पर विडियो बेचने को तैयार नहीं हुए. बताया जा रहा है कि विडियो में पूर्व सीएम से लेकर सचिव तक का नंगापन उजागर हो रहा है.

सूत्रों का कहना है कि इन महिलाओं को लगता था कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोग उनके विडियो मनचाही कीमत में खरीद लेंगे, क्योंकि इनके जरिए दूसरे दल के नेताओं की छवि को प्रभावित किया जा सकता था. लेकिन मांगी गई रकम बहुत ज्यादा होने के कारण कोई भी लेने के लिए राजी नहीं हुआ. हालांकि इन महिलाओं ने संबंधित नेताओं से मोटी रकम ऐंठी. वहीं चुनाव के बाद पुलिस विभाग और सरकार के लेागों ने इन पर नजर रखना शुरू कर दिया, क्योंकि इन महिलाओं के पास कई बड़े लोगों के विडियो होने की बात सामने आ चुकी थी.

'देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल' कहे जाने वाले इस मामले की कहानी पूर्व मंत्रियों, सत्ताधारी नेता और ब्यूरोक्रेट्स को सेक्स के जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल कर करोड़ों के टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट वसूलने की है. पुलिस को संकेत मिले हैं कि इस रैकेट में केंद्र से भी कुछ लोग शामिल हो सकते हैं और साथ ही यह रैकेट 5 प्रदेशों तक फैला हो सकता है.

हनी ट्रैप स्कैंडल की 5 आरोपी महिलाएं और एक शख्स पुलिस की कस्टडी में हैं. गैंग की सरगना 48 साल की श्वेता स्वप्निल जैन है जिसके फेसबुक पेज पर लिखा है- 'कभी-कभी एक महिला राजा होती है.' मामले की अगली आरोपी श्वेता विजय जैन है जिसका बीजेपी में मजबूत संपर्क है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि वह बीजेपी युवा मोर्चा की राज्य महासचिव रह चुकी है और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती ने भी यह माना कि वह उसे जानते हैं और वह 2009 से 2013 के बीच स्टेट वर्किंग कमिटी का भी हिस्सा रह चुकी है. मामले की तीसरी आरोपी कांग्रेस के पूर्व राज्य आईटी सेल के उपाध्यक्ष अमित सोनी की पत्नी बरखा सोनी है. अन्य दो आरोपियों में एक 18 साल की कॉलेज स्टूडेंट है, जो राजगढ़ गांव के एक गरीब परिवार से आती है. इसके अलावा पांचवीं आरोपी आरती दयाल है.

अकेला पुरुष आरोपी ड्राइवर ओम प्रकाश है जिसे आरती और कॉलेज छात्रा के साथ इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. ड्राइवर शिकायतकर्ता सस्पेंड सिविक इंजिनियर हरभजन सिंह से 50 लाख रुपये लेते हुए धरा गया था. इन सभी महिलाओं में जो कॉमन बात है, वह यह है कि कस्टडी में रहने के बावजूद उनके स्वैग में कोई कमी नहीं आई है.

इंदौर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्रा ने बताया, 'यह वाकई हैरान करने वाला है कि कैसे इन महिलाओं की पूरे सिस्टम में पकड़ थी और कितनी आसानी से वे इसे अंजाम देती थीं. रैकिट चलाने का उनका तरीका आसान था- नेताओं और अधिकारियों से इवेंट में मुलाकात करना, फिर उन्हें खूबसूरत लड़कियों के जाल में फंसाना, उन्हें एक लग्जरी होटल रूम में बुलाना, गुप्त रूप से उनके विडियो बनाना और इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करना.'

पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों ने इन्हें सीधे-सीधे करोड़ों रुपये कैश दिए तो कुछ ने टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट और एनजीओ के लिए फंड के रूप में. इस मामले में एक मोड़ यह भी है कि जो पैसा इनके एनजीओ को दिया था, वह संभवत: कर मुक्त था. दोनों श्वेता ने फर्म खोली थी जिसका इस्तेमाल उन्होंने हनी ट्रैप के फंसाए लोगों से कॉन्ट्रैक्ट लेने में किया.

इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन किया जा चुका है. एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि पकड़ी गई महिलाओं के मोबाइल, लैपटॉप और पेन ड्राइव से बड़ी संख्या में विडियो क्लिपिंग मिली हैं. एसआईटी को क्लिपिंग की 4000 से ज्यादा फाइलें हाथ लगी हैं और कई तस्वीरें व ऑडियो क्लिपिंग भी बरामद हुई हैं. आरोपी महिलाओं ने पूछताछ में कई नेताओं और अफसरों के नामों का भी खुलासा किया है. एसआईटी फिलहाल कुछ भी बताने से बच रही है.
 

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