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दिलीप घोष के काफिले पर हमला, रथ यात्रा को लेकर तनाव

By Republichindi desk | Publish Date: 12/6/2018 11:38:21 AM
दिलीप घोष के काफिले पर हमला, रथ यात्रा को लेकर तनाव

कोलकाताः कूचबिहार में बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमला किया गया. कूच बिहार के सिताई मोड़ पर हुए इस हमले में कई वाहनों के कांच टूट गये. काफिले में कई लोगों को चोट आयी है. कई लोग काले झंडे लेकर बीजेपी गो बैक के नारे लगा रहे थे. दिलीप घोष गो बैक के नारे लगा रहे धे. इधर बीजेपी की रथयात्रा को लेकर राज्य में तनाव जारी है. कूच बिहार जिला प्रशासन ने रथयात्रा को अनुमति नहीं दी है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी रथयात्रा को लेकर बीजेपी अध्यक्ष के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि हमारी गाड़ी का कांच तोड़ा गया है. हमारे कर्मियों को मारा गया है. सात वाहनों के कांच टूट गये हैं.

बीजेपी की गणतंत्र बचाओ रथ यात्रा 7 दिसंबर से शुरू होने वाली है. इसके लिए मात्र एक दिन बाकी रह गया है, लेकिन अभी तक इस यात्रा को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिल पाई है. मामला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंच गया है.बीजेपी को बुधवार को अदालत के हस्तक्षेप से अनुमति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार पक्ष के रवैए के कारण इस पर फैसला एक दिन और टाल दिया गया.न्यायाधीश तपव्रत चक्रवर्ती ने रथ यात्रा को लेकर राज्य प्रशासन को गुरुवार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. रथ यात्रा को मंजूरी एवं सुरक्षा मुहैया कराने में प्रशास के नकारात्मक रवैए के खिलाफ बीजेपी ने शुक्रवार को कोर्ट में याचिका दायर की थी.

रथ यात्रा पर सरकार साफ करें अपना पक्ष कोर्ट

इस पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश तपव्रत चक्रवर्ती ने सवाल किए कि राज्य सरकार बीजेपी की रथयात्रा को अनुमति क्यों नहीं दे रही हैं, इसमें क्या समस्याएं हैं, संबंधित हलफनामा गुरुवार को अदालत में दाखिल करे. इस दिन सुनवाई के शुरू में ही राज्य सरकार के महाधिवक्ता किशोर दत्त ने न्यायाधीश को बताया कि बीजेपी ने राज्य के आइजी, डीआइजी, डीजीपी एवं गृह सचिव को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है, लेकिन वह नियमानुसार नहीं है.

इस पर बीजेपी के अधिवक्ता ने कहा कि इन अधिकारियों के साथ ही प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षकों से भी आवेदन किया गया है, लेकिन किसी तरह की कहीं से कोई जानकारी नहीं दी गई. गुरुवार तक राज्य सरकार को यह बताना होगा कि आखिर किस कारण से रथ यात्रा को अनुमति नहीं दी गई है. इसके अलावा रथ यात्रा के दौरान उपस्थित रहने वाले नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की होगी.

उल्लेखनीय है कि राज्य में बीजेपी की तीन चरणों वाली रथ यात्रा की शुरूआत सात दिसंबर को कूचबिहार से होना है. दूसरे चरण की रथ यात्रा 9 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना तथा तीसरे चरण की रथ यात्रा 14 दिसंबर को वीरभूम के तारापीठ से निकलने वाली है.तीनों ही रथ यात्राओं को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे. ये यात्राएं राज्य के सभी 42 संसदीय क्षेत्रों एवं 294 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगी. यात्रा करीब 40 दिनों तक चलेगी. इस दौरान जगह-जगह सभाएं आयोजित होंगी. इन सभाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद तथा नेता संबोधित करेंगे.

बता दे बीजेपी की रथ यात्रा के जवाब में तृणमूल कांग्रेस की ओर से पवित्र यात्रा निकालने की तैयारी कर रही है.यह यात्रा उसी स्थान से दूसरे दिन टीएमसी नेता अनुब्रत मंड़ल के नेतृत्व में निकाली जायेगी. 

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