11 दिसम्बर 2019, बुधवार | समय 06:15:42 Hrs
Republic Hindi Logo

सरकार या बीजेपी विरोधी को राष्ट्र विरोधी नहीं मानते आडवाणी

By Republichindi desk | Publish Date: 4/5/2019 12:32:59 PM
सरकार या बीजेपी विरोधी को राष्ट्र विरोधी नहीं मानते आडवाणी

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लम्बे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने राजनीतिक रूप से असहमत होने वाले को कभी राष्ट्र विरोधी नहीं माना है. सरकार का विरोध करने वाले राजनीतिक स्वरों को राष्ट्र विरोधी करार देने के चलन को लेकर छिड़ी बहस के बीच बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता की यह टिप्पणी काफी महत्व रखती है.

नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट (राष्ट्र प्रथम, फिर पार्टी, स्वयं अंत में) शीर्षक से अपने ब्लॉग में आडवाणी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र का सार विविधता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिये सम्मान है. अपनी स्थापना के समय से ही बीजेपी ने राजनीतिक रूप से असहमत होने वालों को कभी दुश्मन नहीं माना बल्कि प्रतिद्वन्द्वी ही माना.

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से राष्ट्रवाद की हमारी धारणा में हमने राजनीतिक रूप से असहमत होने वालों को राष्ट्र विरोधी नहीं माना. पार्टी व्यक्तिगत एवं राजनीतिक स्तर पर प्रत्येक नागरिक की पसंद की स्वतंत्रता को प्रतिबद्ध रही है आडवाणी ने अपना यह ब्लॉग ऐसे समय में लिखा है जब छह अप्रैल को बीजेपी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा और 11 अप्रैल से लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान होना है.

हम पीछे देखें, आगे देखें और भीतर देखें


उन्होंने कहा कि पार्टी में हम सभी के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है कि हम पीछे देखें, आगे देखें और भीतर देखें. बीजेपी के संस्थापकों में से एक के रूप में मैंने भारत के लोगों के साथ अपने अनुभवों को साझा करना अपना कर्तव्य समझा है. खासतौर पर मेरी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के साथ. दोनों ने मुझे बहुत स्नेह और सम्मान दिया है.

लोकतंत्र को मजबूत करने का हो प्रयास

आडवाणी ने लिखा कि यह मेरी ईमानदार इच्छा है कि हम सभी को सामूहिक रूप से भारत की लोकतांत्रिक शिक्षा को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए. यह सच है, चुनाव लोकतंत्र का त्यौहार है, लेकिन ये भारतीय लोकतंत्र में सभी हितधारकों- राजनीतिक दलों, जन मीडिया, चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाले प्राधिकारियों और सबसे ऊपर, मतदाताओं द्वारा ईमानदार आत्मनिरीक्षण के लिए भी एक अवसर हैं.

लालकृष्ण आडवाणी को इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया है और उनकी पारंपरिक गांधीनगर सीट से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं। आडवाणी ने 1991 से छह बार लोकसभा में निर्वाचित करने के लिये गांधीनगर के मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया. वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी के भीतर और वृहद राष्ट्रीय परिदृश्य में लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा भाजपा की विशिष्टता रही है। इसलिए बीजेपी हमेशा मीडिया समेत सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और उनकी मजबूती को बनाये रखने की मांग में सबसे आगे रही है.

Copyright © 2018 Shailputri Media Private Limited. All Rights Reserved.

Designed by: 4C Plus