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त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में आधा दर्जन दलों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

By Republichindi desk | Publish Date: 5/5/2019 9:49:28 AM
त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में आधा दर्जन दलों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

रिपब्लिक डेस्क. 23 मई के चुनाव परिणाम में यदि किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत नही मिलता है तो 17वीं लोकसभा त्रिशंकु हो जाएगी. ऐसी स्थिति में 6 दलों की भूमिका पर नजर होगी और इनका महत्व भी बढ़ जाएगा. इन 6 दलों में उत्तर प्रदेश से सपा-बसपा, तेलंगाना से टीआरएस, ओडिशा से बीजद, आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस शामिल हैं. गौरतलब है कि ये 6 दल अभी एनडीए या यूपीए से नहीं जुड़े हैं.

छह दलों में से तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर शेष पांच के पास पिछले लोकसभा चुनाव में ज्यादा सीटें नहीं थी. लेकिन इन चुनावों में इनकी सीटें बढ़ने की संभावना है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के चलते उनकी सीटों में पिछले चुनाव के मुकाबले खासा इजाफा होगा. तेलंगाना में टीआरएस, ओडिशा में बीजद तथा आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार भी अच्छा रहने की उम्मीद है. ऐसे में नई सरकार के गठन में ये सीटें निर्णायक होंगी.

पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इनका आधार है. वहां लोकसभा की कुल 185 सीटें हैं. इन छह दलों को पिछले चुनाव में महज 78 सीटें मिली थीं. जिनमें टीएमसी को 34, बीजद को 20, टीआरएस को 11, वाईएसआर कांग्रेस को नौ तथा सपा की चार सीटें शामिल हैं. बसपा कोई सीट नहीं जीत पाई थी. जबकि इन 185 सीटों में से बीजेपी के पास अकेले 77 सीटें आई थीं. उस समय टीआरएस एनडीए का हिस्सा थी और उसने 10 सीटें जीती थीं. यूपी में दो सीट एनडीए के घटक अपना दल को मिली थीं. इस प्रकार 89 सीटें एनडीए के खाते में थी.

बहरहाल, राजनीतिक जानकारों के अनुसार टीआरएस प्रमुख केसीआर हालांकि गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी मोर्चे की वकालत करते रहते हैं. लेकिन असल में वह किसी भी गठबंधन को समर्थन कर सकते है. चूंकि उनके प्रतिद्वंद्वी चंद्रबाबू नायडू यूपीए के साथ हैं, इसलिए उनके एनडीए के साथ जाने की संभावना ज्यादा है. इसी प्रकार बीजद, एनडीए की पुरानी साथी रही है. वाईएसआर कांग्रेस इन दिनों टीआरएस की करीबी है. जबकि सपा-बसपा और टीएमसी भी यूपीए से दूरी बनाए हुए हैं. हालांकि मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुटता के समर्थन में तीनों साथ आ सकते हैं.

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