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हिंदूवाद का आसरा, आरएसएस के हस्तक्षेप से ही बनेगी महाराष्ट्र की सरकार

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 11/6/2019 12:41:43 PM
हिंदूवाद का आसरा, आरएसएस के हस्तक्षेप से ही बनेगी महाराष्ट्र की सरकार

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: महाराष्ट्रू में सरकार गठन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी रस्साकसी के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से गतिरोध दूर करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गयी है. हिंदूवाद की दुहाई देकर महाराष्ट्र में दोनों दलों को फिर एक साथ करने की कवायद तेज हो गयी है.  एक ओर मुख्यरमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार की देर शाम नागपुर में राष्ट्री य स्वगयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की. वहीं दूसरी ओर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हिंदू के नाम पर दोनों पार्टियों को एक साथ सरकार बनाने का अनुरोध किया है.

सीएम देवेंद्र फडणवीस की आरएसएस प्रमुख के साथ इस बैठक को लेकर संघ और बीजेपी के सूत्र अलग-अलग दावे कर रहे हैं. एक तरफ संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शिवसेना के साथ बातचीत सुलझाने के लिए देवेंद्र फडणवीस संघ से दखल करने का अनुरोध करने भागवत से मिलने पहुंचे. शिवसेना भी चाहती है कि संघ मध्यस्थता कर दोनों दलों के बीच जारी गतिरोध दूर करे.  तो वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को हुई कोर कमेटी की मीटिंग में सरकार बनाने का पूरा फार्मूला तैयार हो गया है, और देवेंद्र फडणवीस इस फैसले को संघ प्रमुख को बताने और सरकार गठन के लिए उनका आशीर्वाद लेने गए थे. 2014 के चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधानसभा का गठन 10 नवंबर 2014 को हुआ था. ऐसे में विधानसभा को 9 नवंबर 2019 को भंग हो जाना चाहिए.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. इसके अलावा समाजवादी पार्टी को 2, एमआईएम को 2, एमएनएस व सीपीआई को एक-एक और अन्य को 23 सीटें मिली हैं.
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं और बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन चाहिए. लेकिन, बहुमत की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि बहुमत साबित करते समय विधानसभा में कितने सदस्य मौजूद हैं.

उदाहरण के लिए अगर एनसीपी उस दिन ख़ुद को मतदान से अलग रखती है तो बहुमत के लिए सिर्फ़ 115 सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत होगी जिसे बीजेपी आसानी से जुटा सकती है. बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है लेकिन अब भी उनके साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है. राज्य में राजनीतिक माहौल उलझन भरा बना हुआ है. ऐसे में आगे के हालात को लेकर कुछ सवाल खड़े होते हैं.

24 अक्टूकबर को आए महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही बीजेपी और शिवसेना के बीच 50-50 फॉर्मूले को लेकर खींचतान जारी है. इसी वजह से अभी तक राज्यी में नई सरकार का गठन नहीं हो पाया है. मंगलवार को ही बीजेपी ने शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने पर जोर देते हुए बातचीत के लिए 24 घंटे दरवाजे खुले होने का दावा किया था. इसके बाद अब गेंद शिवसेना के पाले में है. कोर कमेटी की ढाई घंटे लंबी मीटिंग के बाद बाहर निकलकर बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि सरकार गठबंधन की बनेगी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनेगी.

महाराष्ट्र में सरकार गठन पर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को पत्र भी लिखा है. पत्र में उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बीजेपी और शिवसेना के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए.  भागवत को लिखे पत्र में तिवारी ने कहा कि RSS प्रमुख को इस स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और महाराष्ट्र में सरकार गठन में गतिरोध दूर करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए.
 

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