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अनंत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर , एके 47 और हैंड ग्रेनेड बरामद होनेका मामला

By Republichindi desk | Publish Date: 11/6/2019 7:19:26 AM
अनंत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर , एके 47 और हैंड ग्रेनेड बरामद होनेका मामला

पटना: बाहुबली निर्दलीय विधायक अनंत सिंह के नदवा स्थित पैतृक आवास से एके-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड की बरामदगी के मामले में पुलिस ने आरोप पत्र समर्पित कर दिया है। कांड की अनुसंधानकर्ता और बाढ़ की सहायक पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में यह आरोप पत्र समर्पित किया है। उनके खिलाफ 223 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है जिसमें 183 पैराग्राफ हैं। पुलिस ने कई वैज्ञानिक साक्ष्यों को अनुसंधान के दायरे में लाकर आरोप पत्र समर्पित किया है। अनंत सिंह का स्वीकारोक्ति बयान, एफएसल की जांच रिपोर्ट, पटना पुलिस लाइन के परिचारी प्रवर की जांच रिपोर्ट के अलावा कई दूसरे सरकारी संस्थानों की रिपोर्ट भी केस डायरी और चार्जशीट के साथ समर्पित की गई है। अनंत सिंह के घर से हथियार और हैंड ग्रेनेड मिलने के मामले में बाढ़ थाना में कांड संख्या 389/ 19 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में विधायक अनंत सिंह के अलावा उनका पुराना शागिर्द सुनील राम भी न्यायिक हिरासत में है।
क्या है मामला 
 
बीते16 अगस्त की रात बाढ़ थानाध्यक्ष संजीत कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि अनंत सिंह के नदवा स्थित पैतृक आवास पर कुछ हथियारबंद अपराधी जुटे हैं और वहां हथियारों को रखा जा रहा है तथा बाहर से आने वाले अपराध कर्मियों को वह हथियार दिया जाएगा ताकि यहां से हथियारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सके। मामला संवेदनशील था लिहाजा अनंत सिंह के पैतृक आवास के बाहरी परिसर की घेराबंदी रात में ही पुलिस ने कर दी। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ पुलिस ने वहां छापामारी की। छापामारी में आसपास के कई थानाध्यक्ष शामिल थे। एहतियात के तौर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती भी कराई गई थी। बाढ़ बीडीओ को बतौर मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। मजिस्ट्रेट के साथ लगभग छह थानों की पुलिस वहां पहुंची तो घर में ताला लगा हुआ था। इसी दौरान अनंत सिंह का पुराना शागिर्द और उनके घर की देखभाल करने वाला सुनील राम भी वहां पहुंच गया था। दरअसल ग्रामीणों ने पुलिस को इशारे से बताया था कि सुनील राम के पास घर की एक चाबी रहती है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तथा उससे घर का ताला खुलवाया। पुलिस ने जब पूरे घर की विधिवत तलाशी ली तो घर के एक कोने में रखी अलमारी के पीछे से प्लास्टिक का एक बोरा बरामद हुआ था जिसमें कार्बन पैकिंग कर रखे गए हथियारों को बरामद किया गया था।
 
लिपि सिंह की टीम ने दिन रात एक कर जुटाए साक्ष्य और समय पर दाखिल कर दी चार्जशीट
 
कांड की अनुसंधानकर्ता लिपि सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने दिन रात की कड़ी मेहनत कर अनंत सिंह के खिलाफ साक्ष्यों को जुटाया और केस डायरी तैयार कर समय पर आरोपपत्र भी समर्पित कर दिया। एसटीएफ एसपी सुधीर पोरिका के कहने पर बाढ़ थानाध्यक्ष ने 13 यूएपीए की धारा लगाई थी। यूएपीए के प्रावधानों के कारण एसडीपीओ स्तर का पदाधिकारी ही केस का अनुसंधानकर्ता बन सकता है। इस कारण लिपि सिंह केस की आईओ बनी। लिपि सिंह सिंह के नेतृत्व में बाढ़ इंस्पेक्टर संजीत कुमार, मोकामा इंस्पेक्टर राजनंदन, हाथीदह थानाध्यक्ष रवि रंजन, पंडारक थानाध्यक्ष रमण प्रकाश वशिष्ठ और सिपाही टाइपिस्ट अजय कुमार ने दिन रात एक कर कांड की पूरी फाइल तैयार कराई। पुलिस मुख्यालय से लेकर दूसरे तमाम विभागों तक टीम का समन्वय बना रहा और रोज दिन के रूटीन कार्यो को निपटाने के बाद टीम जरूर बैठती थी।  रोजाना 6 से 8 घंटे तक टीम एक साथ बैठकर कांड की जांच को आगे बढ़ा रही थी।

 
ग्रामीण एसपी रोज लेते थे फीडबैक, अनुसंधान की प्रगति पर बना रखी थी नजर
 
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा इस कांड के पर्यवेक्षणकर्ता थे। उन्होंने ही इस कांड का पर्यवेक्षण किया था। सुपरविजन के अलावा कांड के नियमित अनुसंधान पर भी उनकी नजरें लगातार बनी हुई थी और वह रोजाना फीडबैक भी लेते थे। टीम को जहां कहीं भी आवश्यकता होती थी तो ग्रामीण एसपी समस्याओं को दूर करने में जुट जाते थे और टीम को कुशल नेतृत्व प्रदान कर रहे थे।

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