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अर्जुन सिंह, राहुल सिन्हा और बाबुल सुप्रियो का मंत्री बनना तय, बन सकते हैं दिलीप घोष भी

By Republichindi desk | Publish Date: 5/22/2019 12:00:46 PM
अर्जुन सिंह, राहुल सिन्हा और बाबुल सुप्रियो का मंत्री बनना तय, बन सकते हैं दिलीप घोष भी

रिपब्लिक डेस्क. पश्चिम बंगाल से बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को 23 प्लस सांसदों के जीतने की उम्मीद है. ऐसे में यदि 15 या 16 सांसद भी जीत कर संसद पहुंचते हैं तो मोदी सरकार में पश्चिम बंगाल से मंत्रियों की संख्या अच्छी खासी होगी. बीजेपी सूत्रों के अनुसार बैरकपुर से प्रत्याशी अर्जुन सिंह, कोलकाता उत्तर से प्रत्याशी राहुल सिन्हा और आसनसोल से प्रत्याशी बाबुल सुप्रियो जीतते हैं तो इनका मंत्री बनना कमोबेश तय है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व मिदनापुर से प्रत्याशी दिलीप घोष भी जीतने पर मंत्री बनाये जा सकते हैं. हालांकि इनकी सांगठनिक क्षमता और भविष्य में होने वाले चुनावों को देखते हुए इनके नाम पर अंतिम मुहर लगना बाकी है.

बीजेपी के राज्य से फिलहाल दो सांसद हैं व दोनों ही मंत्री हैं. बाबुल सुप्रियो का दोबारा मंत्री बनना कमोबेश तय है, जबकि एसएस अहलूवालिया के बारे में अभी कोई खबर नही है. एसएस अहलूवालिया पिछला लोकसभा चुनाव दार्जिलिंग से जीते थे व इस दफे बर्दवान दुर्गापुर से बीजेपी प्रत्याशी हैं. राज्यसभा की मनोनीत सांसद रूपा गांगुली की भी मंत्री बनने की प्रबल संभावना है. हालांकि यह फैसला दिलीप घोष पर फैसला लिए जाने के बाद ही निर्भर करेगा. दिलीप घोष यदि मंत्री नही बनते हैं तभी रूपा गांगुली के नाम पर विचार होगा. वैसे महिला मंत्री के रूप में रूपा गांगुली के नाम पर भी विचार हो सकता है.

पश्चिम बंगाल से केंद्रीय मंत्रियों की संख्या एक समय में सर्वाधिक छह रही है. मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार से 22 सितंबर 2012 को जब टीएमसी हटी थी उस वक़्त मंत्रियों की संख्या छह थी. इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में रेल मंत्री मुकुल रॉय, शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत राय, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री शिशिर अधिकारी, स्वास्थ्य राज्य मंत्री सुदीप बंदोपाध्याय, पर्यटन राज्य मंत्री सुल्तान अहमद और सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री सीएम जटुआ शामिल थे.

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