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अमित शाह 2022 तक बने रह सकते हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

By Republichindi desk | Publish Date: 6/11/2019 6:05:41 PM
अमित शाह 2022 तक बने रह सकते हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

न्यूज़ डेस्क. 2014 में मोदी सरकार में गृह मंत्री बनने के बाद राजनाथ सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. वहीं, 2019 में मोदी सरकार में गृह मंत्री बनने के बाद अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा नही भी दे सकते हैं. दरअसल, भाजपा सफलता के शिखर पर है और शिखर पर स्थिरता के लिए अभी पार्टी संगठन को अमित शाह की जरूरत है. ऐसे में साल के आखिर में होने वाले महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए काफी मायने रखते हैं. वहीं फरवरी'20 में दिल्ली विधानसभा का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है. इसके बाद 2021 में भाजपा के लिए प्रतिष्ठापरक पश्चिम बंगाल के साथ तमिलनाडु, केरल व पुड्डुचेरी विधानसभाओं के लिए भी चुनाव होंगे.

राजनाथ सिंह के 2014 में अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद उनका बचा दो साल का कार्यकाल अमित शाह ने पूरा किया था. जिसके बाद 2016 में पहली बार वह तीन साल के पूर्ण कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुने गए. जनवरी'19 में तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 11-12 जनवरी को हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शाह को आम चुनाव तक सेवा विस्तार दिया गया. भाजपा के मौजूदा संविधान के मुताबिक कोई व्यक्ति तीन-तीन साल के दो पूर्ण कार्यकाल तक अध्यक्ष पद पर रह सकता है. ऐसे में अमित शाह बिना संविधान संशोधन हुए 2022 तक अध्यक्ष पद पर रह सकते हैं.

एक व्यक्ति-एक पद सिद्धांत भाजपा में लागू होने की बात कही जाती है. मतलब कि संगठन में रहते सरकार में भूमिका नहीं निभा सकते. मगर पार्टी के सितंबर'12 में संशोधन के बाद तैयार हुए नए संविधान में इसका कोई लिखित में जिक्र नहीं मिलता. भाजपा की वेबसाइट (bjp.org) पर मौजूद 46 पेज के संविधान में यूं तो राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर स्थानीय पदाधिकारियों के चुनाव तक के नियम-कायदे दर्ज हैं.

मगर इसमें अध्यक्ष पद के लिए कहीं एक व्यक्ति-एक पद सिद्धांत की शर्तें नहीं दिखतीं. भाजपा की वेबसाइट पर मौजूद यह संविधान, सितंबर'12 में नए सिरे से तैयार हुआ था. भाजपा की मई'12 में मुंबई में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष को तीन-तीन साल का दो कार्यकाल देने का प्रस्ताव पास हुआ था. जिसे सितंबर'12 में सूरजकुंड की बैठक में मंजूरी मिली थी.

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