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NCP नहीं तो शिवसेना: बीजेपी अभी भी पलट सकती है पासा

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 11/25/2019 4:44:57 PM
NCP नहीं तो शिवसेना: बीजेपी अभी भी पलट सकती है पासा

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: महाराष्ट्र विधानसभा में अभी भी बीजेपी अपना बहुमत साबित करने की दिशा में आश्वस्त है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विधानसभा में बीजेपी के पास बहुमत है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी नेतृत्व की नजर एनसीपी के साथ-साथ शिवसेना और कांग्रेस के विधायकों पर भी है. राजनीतिक प्रतिबद्धता या मजबूरी चाहें जो भी हो, कोई भी विधायक चुनाव में जाना नहीं चाहता. ऐसे में सरकार बनाने और चलाने के लिए बीजेपी की स्थिति ही मजबूत मानी जा रही है.

नकवी का कहना है कि जनता ने भी बीजेपी की सरकार के लिए मतदान किया है. उधर सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के लगभग 20 विधायक चाहते हैं कि बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनायी जाये. उधर रविवार की रात में शिवसेना विधायकों की बैठक में कई विधायकों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे से सवाल पूछा कि क्या अभी भी बीजेपी के साथ जाया जा सकता है.

उद्धव और आदित्य ठाकरे ऐसे विधायकों का माइंडवाश कर रहे हैं. शिवसेना ने अपने विधायकों की खरीद फरोख्त रोकने के लिए उन पर पहरा बिठा रखा है. विधायकों की मनोदशा देखकर उद्धव ठाकरे की चिंता बढ़ गयी है. उधर यह खबर भी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों को साल रही है कि विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाने पर बीजेपी विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकती है.

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला

महाराष्ट्र में सरकार गठन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को फैसला होना है. कोर्ट के फैसले के बाद पार्टियां आगे के निर्णय पर फैसला करेंगी. तबतक शिवसेना समेत अन्य दलों के विधायकों को कड़ी सुरक्षा में रखा जा रहा है. ल में ही मौजूद रहेंगे. रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की दलीलों को सुनने के बाद महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था और कुछ डॉक्यूमेंट मांगे थे. इन्हें देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसे मंगलवार को सुनाया जायेगा.

परस्पर विरोधी दावे

बीजेपी ने दावा किया है कि उसके पास 155 विधायकों का समर्थन है. इसमें बीजेपी के 105, अजीत पवार के साथ आए 25 विधायक और 15 निर्दलीय का समर्थन प्राप्त है. वहीं विपक्ष ने दावा किया है कि उनके पास कुल 161 विधायकों का समर्थन है, जिसमें शिवसेना के 56, कांग्रेस के 44, शरद पवार की एनसीपी के 53 और 8 निर्दलीय शामिल हैं. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी राज्यपाल को विधायकों के समर्थन की चिट्ठी भी सौंपने जा रही है.

विधायक चाहते हैं सरकार बने

अगर विधानसभा भंग होती है और महाराष्ट्र में दोबारा चुनाव होता है तो सबसे बड़ा झटका विधायकों को लगेगा. क्योंकि विधायकों को दोबारा से चुनाव लड़ना पड़ेगा, जिससे उनको पैसे का नुकसान को होगा. इसके साथ ही यह डर होगा कि विधायक दूसरी बार जीतकर विधानसभा में पहुंचते हैं या नहीं. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि महाराष्ट्र में अभी ऐसे हालात नहीं होंगे. क्योंकि विपक्षी दलों के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा है. अगर फडणवीस सरकार बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती तो शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार बना सकता है.
 

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