24 अप्रैल 2019, बुधवार | समय 03:26:50 Hrs
Republic Hindi Logo

सूरजभान ने पत्नी वीणा का टिकट काट भाई चंदन को नवादा मैदान में उतारा

By Republichindi desk | Publish Date: 3/23/2019 2:33:24 PM
सूरजभान ने पत्नी वीणा का टिकट काट भाई चंदन को नवादा मैदान में उतारा

पटना: लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभान सिंह ने अपनी सांसद पत्नी वीणा देवी का टिकट काटकर भाई चंदन कुमार को नवादा के चुनावी अखाड़े में उतार दिया है. सूरजभान सिंह के सबसे छोटे भाई चंदन कुमार नवादा से लोकसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार होंगे. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा आज उम्मीदवारों की घोषणा की गई है.

सूरजभान को करनी पड़ी खासी मशक्कत
 
दरअसल सूरजभान सिंह शुरू से चाहते थे कि चंदन ही चुनाव मैदान में उतरे. पिछले लोकसभा चुनाव में भी चंदन की उम्मीदवारी की चर्चा बहुत जोर शोर से थी. मुंगेर लोकसभा सीट से चंदन को ही उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा उस समय थी लेकिन अंतिम समय में वीणा देवी को चुनावी अखाड़े में उतारना पड़ा. सूरजभान उस वक्त भी चंदन सिंह को आजमाना चाहते थे लेकिन घरेलू परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी कि चंदन के बदले वीणा देवी को मुंगेर से उम्मीदवार बनाया गया. मोदी लहर पर सवार होकर वीणा देवी मुंगेर से लोकसभा पहुंच गई. वीणा देवी ने अपनी क्षमता के अनुरूप, जितना संभव था, इलाके में समय दिया था. क्षेत्र में आम जनता से भी वह हमेशा मिलती रही थी. हालांकि सूरजभान सिंह ने दूर की पारी खेलने के इरादे से चंदन को इस बार टिकट दिया है.
 
सूरजभान परिवार के लिए लंबी रेस का घोड़ा साबित होंगे चंदन
 
दरअसल चंदन कुमार लोजपा उपाध्यक्ष सूरजभान सिंह के परिवार के लिए लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकते हैं. बेहद कम बोलने वाले और शांत स्वभाव के चंदन कुमार को चुनावी अखाड़े में उतार कर निश्चित तौर पर सूरजभान ने लंबी चाल चली है. चंदन अपेक्षाकृत काफी युवा हैं.पढ़े लिखे और समझदार चंदन सिंह अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे ले जा सकते हैं. पिछले कई महीनों से सूरजभान सिंह निजी लोगों के साथ होने वाली चर्चाओं में चंदन को ही लोकसभा चुनाव लड़ाने की बात किया करते थे. सूरजभान की निजी बैठकों में हुई बातचीत का लब्बोलुआब यही रहता था कि यदि चंदन राजनीति में मजबूत होते हैं तो चिराग पासवान के साथ उनकी पारी लंबे समय तक चलेगी. राजनीति में युवाओं के बढ़ते दखल को देखते हुए ही सूरजभान ने चंदन को चुनावी मैदान में उतारने का मन बनाया था. इनकी मंशा है कि पढ़े लिखे और समझदार प्रवृत्ति के होने के कारण चंदन राजनीति की बारीकियों को आसानी से समझेंगे तथा आगे भी राजनीत में मजबूत होंगे. चिराग पासवान के साथ चन्दन की ट्यूनिंग काफी अच्छी है. सूरजभान और रामविलास पासवान के घरेलू पारिवारिक रिश्ते जगजाहिर हैं. सूरजभान ने लोजपा के टिकट पर 2004 में तत्कालीन बलिया संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. 2004 के बाद से अब तक लोजपा ने कई दौर देखे. उतार-चढ़ाव की भी भरमार रही लेकिन सूरजभान ने कभी राम विलास पासवान का साथ नहीं छोड़ा. राजनीति में ऐसे संबंध यदा कदा ही देखने को मिलते हैं. जाहिर है सूरजभान और रामविलास पासवान के अटूट संबंधों के कारण ही चंदन को लोकसभा का टिकट मिला है.
 
सूरजभान चाहते थे वीणा देवी खुद करें चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा
 
दरअसल सूरजभान सिंह यह भी चाहते थे कि वीणा देवी खुद चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करें ताकि किसी भी प्रकार के अफवाहों को बल नहीं मिल सके. वीणा देवी इस घोषणा के लिए कितनी तैयार थी या नहीं थी, यह तो वीणा देवी और सूरजभान सिंह ही जाने लेकिन वीणा देवी द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई. संसदीय बोर्ड में भी अधिकांश सदस्यों ने वीणा के बदले चंदन को उम्मीदवार बनाए जाने की वकालत की. सूत्रों की मानें तो उस बैठक में भी कई लोगों की राय थी कि नवादा से इस बार वीणा देवी के बदले चंदन को ही टिकट दिया जाए. सूरजभान से उनकी राय पूछी गई थी तो उन्होंने यह निर्णय पार्टी पर छोड़ दिया था. आज जब एनडीए के 39 प्रत्याशियों की घोषणा हुई तो चंदन के नाम का औपचारिक ऐलान किया गया.
 

Copyright © 2018 Shailputri Media Private Limited. All Rights Reserved.

Designed by: 4C Plus