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एनआईटी शिलांग में यूपी बिहार के लड़कों की पिटाई

By Republichindi desk | Publish Date: 4/11/2019 7:55:24 AM
एनआईटी शिलांग में यूपी बिहार के लड़कों की पिटाई

पटना: एनआईटी शिलांग में स्थानीय लोगों और एनआईटी छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई है. स्थानीय छात्रों तथा स्थानीय लोगों द्वारा एनआईटी के लड़कों को बुरी तरह से पीटा गया है. पिटाई की घटना के बाद एनआईटी को बंद कर दिया गया है और छात्रों को घर भेज दिया गया है.दहशत और भय के मारे छात्र घर वापस आ गए हैं.

मोकामा के युवक समेत दस छात्र घायल

मोकामा के शिवनार निवासी प्यारे मोहन की भी जमकर पिटाई की गई है. कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र प्यारे मोहन के दाहिने हाथ में फैक्चर है. सर में भी गंभीर चोट है. दहशतजदा छात्रों ने बताया कि स्थिति यह थी कि कॉलेज प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों के सामने स्थानीय लड़कों और वहां के लोगों ने कॉलेज के छात्रों की जमकर पिटाई की लेकिन प्रशासन मौन रहा.

फर्स्ट और सेकंड ईयर के लड़कों की बुरी तरह पिटाई

छात्रों ने बताया कि सेकंड ईयर के कुछ छात्रों का स्थानीय लड़कों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार बीते 6 अप्रैल को यह घटना हुई थी. 6 अप्रैल को छात्रों के दो समूहों में मारपीट की घटना के बाद तनाव फैल गया. 7 अप्रैल को स्थानीय लड़कों और खासी यूनियन के सदस्यों ने कॉलेज में घुसकर छात्रों की बुरी तरह पिटाई की. सेकंड ईयर के छात्रों को कॉलेज में घुसकर पीटा गया. वहीं फर्स्ट ईयर के लड़कों की भी जमकर पिटाई की गई. सांस्कृतिक समारोह में भाग लेने गए फर्स्ट ईयर के लड़कों को बस रोककर जमकर पीटा गया. दरअसल कॉलेज और हॉस्टल के बीच की दूरी 10 किलोमीटर है. हॉस्टल शिलांग के मौलाई इलाके में पड़ता है. वहीं पर फर्स्ट ईयर के लड़कों को जमकर पीटा गया. इसके बाद कॉलेज आकर सेकंड ईयर के तमाम लड़कों की जमकर पिटाई की गई. पिटाई में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. छात्रों ने बताया कि उनको बुरी तरह पीटा जाता रहा लेकिन कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने छात्रों की कोई मदद नहीं की. सुरक्षा का हवाला देकर कॉलेज को बंद कर दिया गया. पुलिस और पैरा मिलिट्री के सुरक्षा कवच में छात्रों को घर भेजा गया है. छात्रों को हालांकि यह भी नहीं बताया गया है कि कॉलेज दुबारा कब खुलेगा.

डंडे और हथियारों से पीटा जाता रहा, लगा अब बचना मुश्किल

दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार 6 अप्रैल को मामूली विवाद हुआ था जैसा कि आमतौर पर कॉलेजों में होता रहता है. उस वक्त यह नहीं लगा था कि यह विवाद इतनी बड़ी घटना का रूप ले लेगा. छात्रों के दो समूहों में मामूली विवाद और मारपीट हो गई थी. इसके बाद 7 तारीख को सौ से ज्यादा लोग लाठी डंडे, तलवार और अपने परंपरागत स्थानीय हथियारों के साथ कॉलेज में घुस गए. खोज खोज कर सबों को पीटा जाने लगा. स्थिति यह थी कि जान बचाना भी मुश्किल हो रहा था। हाथ जोड़कर पैरों में गिर रहे थे लेकिन उन लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा था. यूपी बिहार के लड़कों की खोज कर पिटाई की जाती रही. एक बार तो लगा कि जान नहीं बच पाएगी. दो  घंटे तक उनका तांडव जारी रहा और किसी तरह लोग वापस गए तब जाकर जान बची.

 

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