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RJD विधायक ने कहा लालू यादव न उठ सकते हैं न बैठ सकते हैं

By Republichindi desk | Publish Date: 11/18/2018 8:02:42 AM
RJD विधायक ने कहा लालू यादव न उठ सकते हैं न बैठ सकते हैं

न्यूज़ डेस्क. लालू यादव रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती हैं. जहां उनका इलाज चल रहा है. उनसे रिम्स में मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत में राजद विधायक रेखा देवी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष न उठ सकते हैं, न बैठ सकते हैं. उनका शुगर लेवल भी बढ़ा हुआ है. विधायक ने मांग की कि बेहतर इलाज के लिए लालू यादव को कहीं और शिफ्ट किया जाए. गौरतलब है कि चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव की तबीयत में ज्यादा गिरावट आई है. 70 साल के लालू यादव को फिलहाल उनके उठने-बैठने की परेशानी पैर में हुए जख्म की वजह से है.

लालू को 15 से ज्यादा बीमारियां हैं

डॉक्टरों के मुताबिक लालू यादव को टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, पेरिएनल एब्सेस, किडनी इंज्यूरी एंड क्रोनिक किडनी डिजीज, पोस्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट, प्रोस्थेटिक हाइपर प्लेसिया, सेकेंड्री डिप्रेशन, लो बैक डिफ्यूज डिस्क, लेफ्ट आई इमैच्योर कैटरेक्ट, राइट लोवर पोल रेनल, प्राइमरी ओपन एंगल ग्लूकोमा, हाइट्रोजेनस थैलेसिमिया, विटामिन डी डिफिशिएंसी समेत ग्रेड वन फैटी लीवर की बीमारियां हैं. गौरतलब है कि दिसंबर'17 में चारा घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से लालू यादव रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. इस साल जनवरी और मार्च में भी चारा घोटाले से जुड़े दो अन्य मामलों में लालू को सजा सुनाई गई थी. इससे पहले 2013 में भी चारा घोटाले के एक मामले में उन्हें पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी. इसी साल बीमारी बढ़ने पर उन्हें एम्स में भी भर्ती कराया गया था. हालत सुधरने के बाद उन्हें फिर एम्स से रिम्स भेज दिया गया था.

क्या कह रहे हैं डॉ प्रसाद

लालू यादव की किडनी सही ढंग से काम नहीं कर रही है. उनका किडनी सीरम क्रिएटिनिन का 1.85 के स्तर तक जा पहुंचा है. इसके अलावा जीएफआर में भी बढ़ोतरी हो रही है. अगर उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो लालू सीकेडी फोर स्टेज में भी जा सकते हैं. रिम्स में लालू यादव का इलाज कर रहे मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ उमेश प्रसाद ने बताया कि इन्फेक्शन रोकने के लिए दो एंटीबायोटिक दवाएं शुरू की गयी हैं. इंसुलिन के साथ साथ अन्य जरूरी दवाएं पहले से ही चल रही है. फिलहाल उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. एक दो दिन देखने के बाद भी यदि उनकी तबीयत नहीं सुधरी तो बेहतर विकल्प के लिए सोचा जाएगा. डॉ उमेश प्रसाद ने बताया कि टोटल काउंट का बढ़ना संकेत है कि शरीर में इन्फेक्शन का स्तर काफी बढ़ा हुआ है. क्रिएटनिन लेवल बढ़कर 1.85 पहुंच चुका है. इसके कारण जीएफआर बढ़ा हुआ है. इससे किडनी का कार्य भी प्रभावित हुआ है. वह पहले से क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) स्टेज थ्री की मरीज हैं. ऐसे में यदि जल्द उनकी सेहत नहीं सुधरती है तो स्टेज फोर में जाने में समय नहीं लगेगा. 

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