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भाजपा-आजसू और कांग्रेस-झामुमो दोनों ही गुत्थी सुलझाने में उलझे

By Republichindi desk | Publish Date: 11/5/2019 5:26:37 PM
भाजपा-आजसू और कांग्रेस-झामुमो दोनों ही गुत्थी सुलझाने में उलझे

न्यूज डेस्क. झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ही सीट शेयरिंग को लेकर  उलझ गए हैं. भाजपा के साथ सीट शेयरिंग के पुराने फॉर्मूले को मानने से आजसू ने इंकार कर दिया है. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा है कि 2014 में स्थिर सरकार देने के लिए आजसू ने बड़ी कुर्बानी दी थी. लेकिन 2019 में भाजपा से नये सिरे से बातें होंगी. दूसरी तरफ कांग्रेस विधानसभा चुनाव में बड़े नेताओं पर दांव लगाने की तैयारी में है. इसको लेकर पार्टी झामुमो से गांडेय, हटिया, घाटशिला, विश्रामपुर, मधुपुर और गुमला सीट चाहती है. लेकिन झामुमो इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है.

दरअसल कुछ दिन पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने 2019 चुनाव के लिए भी 2014 के सीट शेयरिंग के फॉर्मूले की वकालत की थी. लेकिन आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने साफ कर दिया कि 2014 और 2019 में स्थिति काफी बदल गयी है. उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के 2014 वाले फॉर्मूले के बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर उनकी कभी प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ मंथन नहीं हुई, जो भी हुआ, दिल्ली के नेताओं के साथ हुई.

आजसू इस बार 15 सीटों पर दावेदारी पेश की है. ऐसे में लोहरदगा, चंदनकियारी, हुसैनाबाद, ईचागढ़, चक्रधरपुर, गोमिया और रामगढ़, ये कुछ सीटें हैं, जिन पर भाजपा के साथ पार्टी का पेंच फंस सकता है. 2014 में आजसू ने मात्र 8 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें पांच पर जीत मिली थी. इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने भी स्पष्ट किया है कि आजसू के साथ सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक में लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशियों के नामों पर भी अंतिम मुहर भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में ही लगेगी.

कांग्रेस और झामुमो में दिल्ली में बातचीत का दौर जारी है, लेकिन बात बनती हुई नहीं दिख रही. जिसके बाद झामुमो ने अपना रूख कड़ा कर लिया है. दरअसल झामुमो, कांग्रेस को 28 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है, जबकि कांग्रेस 30 सीट पर अड़ी हुई है. इस बीच झामुमो ने आरोप लगाया कि सीटों के बंटवारे को लेकर अब कांग्रेस वादा खिलाफी कर रही है. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने झामुमो के सामने कुछ नए शर्त रख दिये हैं. झामुमो कोटे की कुछ सीटों पर भी कांग्रेस की नजर है.

दरअसल कांग्रेस विधानसभा चुनाव में बड़े नेताओं पर दांव लगाने की तैयारी में है. घाटशिला से प्रदीप बालमुचू, गांडेय से सरफराज अहमद, विश्रामपुरसे ददई दुबे, हटिया से सुबोधकांत सहाय, मधुपुर या महगामा से फुरकान अंसारी, सिसई से गीताश्री उरांव और गुमला से प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव को कांग्रेस मैदान में उतारना चाहती है. इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने सूबे के सभी 81 सीटों के लिए तीन-तीन उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार कर आलाकमान को भेज दिया है. अब दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में प्रत्याशियों पर फैसला लिया जाएगा.

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