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श्रावण मास में बनेंगे कई शुभ संयोग, श्रीवृद्धि के लिए करें यह उपाय

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 7/9/2019 2:13:57 PM
श्रावण मास में  बनेंगे कई शुभ संयोग, श्रीवृद्धि के लिए करें यह उपाय

रिपब्लिक डेस्क: वर्ष 2019 में भगवान शिव शंकर का महीना सावन 17 जुलाई से शुरू हो रहा है. इस बार पूरे 30 दिन का सावन है और इस दौरान 4 सोमवार आएंगे. इसमें तीसरे सोमवार को त्रियोग का संयोग बन रहा है जो विशेष फलदायी होगा. इस बार इस माह में कई विशेष शुभ संयोग बनेंगे. यही नहीं 125 सालों बाद हरियाली अमावस्या पर इस बार पंच महायोग का संयोग बन रहा है. इस माह में कांवड़िये बाबा बैजनाथ धाम, तारकेश्वर, भूतनाथ, महाकाल मंदिर, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर जीवन सफल बनाने के लिए भोलेनाथ की पूजा करते हैं.

सावन मास में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव की प्रिय सामग्री घर में लायें. इससे श्रीवृद्धि होती है. इस महीने में त्रिशूल, रुद्राक्ष, डमरू, नंदी, जलपात्र, चांदी का चंद्र, चांदी के बिल्व पत्र घर में लायें. इससे सुख, सौभाग्य और समृद्धि बढ़ेगी.

17 जुलाई को सूर्य प्रधान उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से सावन माह की शुरुआत हो रही है. इस दिन वज्र और विष कुंभ योग भी बन रहा है. इस बार पूरे 30 दिन का सावन है और इस दौरान 4 सोमवार आएंगे. इसमें तीसरे सोमवार को त्रियोग का संयोग बन रहा है जो विशेष फलदायी होगा.

श्रावण मास के ग्रह नक्षत्र संकेत दे रहे हैं कि इस बार खंड वर्षा होगी. देश के अनेक इलाकों में रुक-रुककर बरखा होगी. कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं कम बारिश होगी.  20 जुलाई को शुक्र ग्रह अस्त हो रहा है जो 22 सितंबर तक रहेगा. इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करना निषेध है.

नागपंचमी का शुभ पर्व भगवान शिव के विशेष दिन सोमवार को आ रहा है. सोमवार और नागपंचमी दोनों ही दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है, इसलिए इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व है.

कई सालों बाद 15 अगस्त को चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का संयोग बन रहा है. रक्षाबंधन के दिन राष्ट्रीय पर्व होने से देश भर में विशेष उमंग और उत्साह का वातावरण होगा. राखियां भी तिरंगे की ही मिलेगी.

एक अगस्त को हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग बन रहा है. यह संयोग लगभग 125 साल आ रहा है. इस दिन पहला सिद्धि योग, दूसरा शुभ योग, तीसरा गुरु पुष्यामृत योग, चौथा सर्वार्थ सिद्धि योग और पांचवां अमृत सिद्धि योग का संयोग है. पंच महायोग के संयोग में कुल देवी-देवता तथा मां पार्वती की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी.

स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की रात्रि नौ बजे के बाद पंचक शुरू हो रहा है इसलिए इससे पूर्व राखी बंधवाना श्रेष्ठ होगा.  नागपंचमी के दिन चंद्र प्रधान हस्त नक्षत्र और त्रियोग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग और रवि योग अर्थात त्रियोग के संयोग में काल सर्प दोष निवारण के लिए पूजा करना फलदायी होगा.
 

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