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स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप में पहुंचे उत्तर भारत के बच्चे, की यह मांग

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 5/9/2019 11:32:08 AM
स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप में पहुंचे उत्तर भारत के बच्चे, की यह मांग

रिपब्लिक डेस्क : उत्तर भारत के गली के बच्चों ने आज लंदन के विख्यात लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में आयोजित पहले स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप के प्ले ऑफ में हिस्सा लिया. दुनियाभर के गली बच्चों के प्रति बनी नकारात्मक धारणा को चुनौती देने और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति लोगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप में सात देशों के गली से जुड़े बच्चों को उनके अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका दिया गया.

इन बच्चों को लॉर्ड्स के उसी मैदान पर खेलने का मौका मिला, जहां इसी महीने के आखिर में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत होगी. टीमों को पैवेलियन में जाने का मौका मिला, लॉन्ग रूम में उनकी प्रजेंटेशन हुई और सभी टीमों को उसी तरह का सम्मान दिया गया, जैसा मैच के दिन पेशेवर टीमों को मिलता है.
टीमों ने एक जनरल असेंबली में भी हिस्सा लिया. असल में इस असेंबली में स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप का सार छुपा था. यहां बच्चों को लॉर्ड्स के थॉमस लॉर्ड्स सुईट में दुनियाभर के गली से जुड़े बच्चों के प्रतिनिधि के रूप में अपनी बात रखने का मौका मिला. इस दौरान स्रोता के रूप में यहां कई राजनेता, नेता और वैश्विक मीडिया उपस्थित था. इसके बाद, स्ट्रीट चाइल्ड यूनाइटेड के सहयोगियों स्ट्रीटइन्वेस्ट, बेकर मैककेंजी एलएलपी और कंसोर्टियम फॉर स्ट्रीट चिल्ड्रेन के नेतृत्व में विभिन्न सत्र का आयोजन किया गया, जहां बच्चों ने अनुभव साझा किए और अपने अधिकारों के बारे में जाना. यहां उन्हें बदलाव का पैरोकार बनने की सीख भी मिली.

टीम इंडिया नॉर्थ के लिए खेलने वाली अंजलि ने कहा, “मैं आज यहां गली से जुड़ी एक ऐसी बच्ची के रूप में आकर खुश हूं, जिसे लॉर्ड्स में क्रिकेट खेलने और गली से जुड़े अन्य बच्चों की प्रतिनिधि के तौर पर अपनी बात रखने का मौका मिला.“ जनरल असेंबली के दौरान टीम इंडिया नॉर्थ ने कहा, “हमारे पास पहचान और लैंगिक समानता नहीं है. शिक्षा और स्वास्थ्य तक हमारी बेहतर पहुंच नहीं है. किसी बच्चे को अपने खाने के लिए काम करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. हम सरकार से अपील करते हैं कि इन मुद्दों पर काम करे और सुनिश्चित करे कि सभी बच्चों को ये अधिकार मिलें.“

स्ट्रीट चाइल्ड यूनाइटेड के सीईओ व सह-संस्थापक जॉन रो ने कहा, “स्ट्रीट चाइल्ड क्रिकेट विश्व कप ने गली से जुड़े बच्चों को उनकी आवाज रखने का वैश्विक प्लेटफॉर्म तैयार किया है. एमसीसी की मदद के बिना हमारे लिए यह कर पाना संभव नहीं हो पाता. स्ट्रीट चाइल्ड यूनाइटेड की तरफ से हम सब आभार जताते हैं.“

भारत ने इस विश्व कप में दो टीमें भेजी थीं. नॉर्थ इंडिया की टीम ने क्षेत्ररक्षण में शानदार प्रदर्शन किया. इसके खिलाड़ी आयुष्मान को टूर्नामेंट में बेस्ट फील्डर का पुरस्कार दिया गया. वहीं टीम साउथ इंडिया ने टूर्नामेंट जीतकर विश्व कप अपने नाम किया. एससीसीडब्ल्यूसी का आयोजन आईसीसी क्रिकेट विश्व से ठीक पहले किया गया. यह गली से जुड़े बच्चों का पहला क्रिकेट विश्व कप है. भारत ने दो टीमें भेजी थीं, इसमें नॉर्थ इंडिया का समर्थन सेव द चिल्ड्रन व होप फाउंडेशन ने किया था. पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने भी गली से जुड़े बच्चों के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति दर्ज कराने के इस मौके पर अपना समर्थन दिया था.

द होप फाउंडेशन बच्चों, युवाओं और हाशिए पर जी रहे लोगों के जीवन में बदलाव के लिए कार्यरत संगठन है. सेव द चिल्ड्रेन 100 साल से बच्चों के साथ और बच्चों के लिए काम कर रहा है. यह बच्चों की पहचान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य मानवीय जरूरतों से जुड़े अधिकारों के लिए उनके साथ काम कर रहा है.
पीटीसी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (पीएफएस) एक इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (आईएफसी) है, जो विशेषकर टिकाऊ विकास पर केंद्रित इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है.
 

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