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बच्चों की पंसदीदा बार्बी डॉल हुईं बुजुर्ग

By Republichindi desk | Publish Date: 1/3/2019 12:29:21 PM
बच्चों की पंसदीदा बार्बी डॉल हुईं बुजुर्ग

कोलकाता: शायद ही ऐसी कोई बच्ची होगी जिसे बार्बी डॉल पंसद ना हो. हर बच्ची की पंसदीदा बार्बी डॉल अब बुजुर्ग हो गयी हैं. बार्बी इस साल 60 वर्ष की हो जाएगी, आश्चर्य की बात यह है कि अब भी उसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है.  बार्बी को लॉन्‍च हुए 6 दशक हो गए हैं, लेकिन उसकी चमक फीकी नहीं पड़ी है.  वह आज भी मजबूत, आत्‍मविश्‍वास से लबरेज और खूबसूरत नजर आती है. उसे देखकर आज भी बच्‍चों से लेकर बड़ों तक के चेहरों पर मुस्‍कान आ जाती है. इस लोकप्रिय गुड़िया के स्वरूप में समय-समय पर बदलाव जरूर होते रहे हैं और खिलौना उद्योग में कड़ी प्रतियोगिता के बावजूद 150 से ज्यादा देशों में प्रति वर्ष पांच करोड़ 80 लाख बार्बी की बिक्री होती है.

बार्बी के ग्लोबल ब्रैंड मार्केटिंग के निदेशक नथान बयनार्ड ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, "एक उद्योग जहां सफलता तीन से पांच साल तक की होती है ऐसे में 60 साल बहुत मायने रखते हैं".  बयनार्ड ने एल सेगुंदो के मटेल डिजाइन स्टूडियो के हालिया दौरे में कहा कि विश्वभर में बार्बी कोका-कोला या मैक डोनाल्ड जितनी ही लोकप्रिय है.

न्यूयॉर्क में हुआ था आविष्कार

बार्बी को 9 मार्च, 1959 अमेरिकी कंपनी मैटल ने लॉन्‍च किया था.  अपने 60 साल के सफर में बार्बी कभी गोरे रूप में तो कभी काले, कभी लंबे सुनहरे वालों में नजर आई तो कभी छोटे बालों में.  बार्बी को बनाने और लॉन्‍च करने की प्रेरणा अमेरिकी व्‍यवसायी रूथ हैंडलर को अपनी बेटी और उसकी सहेलियों से मिली, जो कार्ड बोर्ड की गुड़‍ियों से खेलते हुए बहुत खुश होती थीं.  9 मार्च 1959 को न्यूयॉर्क में पहली बार अमेरिकी खिलौना मेले में बार्बी आयी थी तब से लेकर अब तक एक अरब से ज्यादा बार्बी डॉल की बिक्री हो चुकी है. सच बोला जायें तो बार्बी चाहे जिस रूप में भी हो बहुत ही खूबसूरत लगती है.

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