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EXCLUSIVE: मुंगेर सीट पर कांग्रेस का टफ स्टैंड, अनंत की पत्नी का टिकट फाइनल

By Republichindi desk | Publish Date: 3/28/2019 6:58:41 PM
EXCLUSIVE: मुंगेर सीट पर कांग्रेस का टफ स्टैंड, अनंत की पत्नी का टिकट फाइनल
पटना: महागठबंधन में उठापटक की तमाम खबरों के बीच महागठबंधन समर्थकों के लिए एक सुकून भरी खबर आई है. दरअसल महागठबंधन की बिखर रही गांठों को संभाल लिया गया है. कांग्रेस और राजद फिलहाल एक साथ ही है. माना जा रहा है कि दोनों दल एक साथ ही चुनाव लड़ेंगे. वहीं दूसरी तरफ एक और पक्की जानकारी आ गई है कि कांग्रेस पार्टी मुंगेर सीट पर कोई समझौता करने नहीं जा रही है.
 
टिकट फाइनल का अनंत को मिला संदेश
 
दिल्ली से अनंत सिंह को संदेश आ चुका है. अखिलेश सिंह और मदन मोहन झा ने अनंत सिंह को आज फोन कर यह सूचना दे दी है कि नीलम देवी को कांग्रेस का टिकट मिलेगा और नीलम देवी ही प्रत्याशी होगी. अखिलेश सिंह, शक्ति सिंह गोहिल, मदन मोहन झा, सदानंद सिंह सरीखे नेता दिल्ली में कैंप किए हुए हैं. आज औपचारिक ऐलान होना था लेकिन आज यह ऐलान नहीं हो पाया है लेकिन खबर पक्की है है कि अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की उम्मीदवारी को राहुल गांधी की हरी झंडी मिल चुकी है. अनंत सिंह के नाम पर राजद और तेजस्वी के विरोध को भी किसी सूरत में कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी.
 
नीलम देवी को ही टिकट मिलेगा
 
मुंगेर को लेकर कांग्रेस काफी कड़ा रुख अपना रखी है. दिल्ली के एक वरिष्ठ पत्रकार की मानें तो दरभंगा और मधुबनी के अलावा सुपौल की सीट पर जिच पैदा की गई थी. कांग्रेस द्वारा कड़ा रूख अपनाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने रंजीत रंजन के खिलाफ उम्मीदवार देने से इंकार कर दिया. वहीं दरभंगा से चुनाव लड़ने के इच्छुक रहे पूर्व सांसद कीर्ति आजाद को बेतिया शिफ्ट किया गया है. दिल्ली के सूत्रों की माने तो कांग्रेस के दबाव का ही नतीजा था की लालू यादव और तेजस्वी यादव बेतिया सीट की कुर्बानी देने को तैयार हुए. बेतिया सीट पर राजन तिवारी को राजद का उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन यह सीट कांग्रेस को दे दी गई है. दरभंगा से अब्दुल बारी सिद्धकी चुनाव लड़ेंगे. हालांकि मधुबनी की सीट पर अभी भी विवाद कायम है. पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी मधुबनी से चुनाव लड़ना चाहते हैं. चुनाव लड़ने के इच्छुक फातमी राजद के बजाय वीआईपी के सिंबल पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं. दरभंगा की सीट पर राजद ने कड़ा स्टैंड ले रखा था लेकिन कांग्रेस के कड़े रुख के बाद कीर्ति आजाद को बेतिया शिफ्ट किया गया. 
 
मुंगेर पर कांग्रेस का वीटो
 
दूसरी खबर यह भी है कि मुंगेर सीट पर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर वीटो लगा दिया है. जिस तरह कीर्ति आजाद और रंजीत रंजन के मसले पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा स्टैंड अपनाया है, ठीक उसी तरह मुंगेर सीट पर भी कांग्रेस पार्टी टफ स्टैंड अपना रही है. इस सीट पर राजद को हर हाल में दावेदारी छोड़नी होगी. नवादा और बेगूसराय की सीट पर राजद ने  उम्मीदवार उतार दिया है. लिहाजा मुंगेर सीट पर उसकी दावेदारी को किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा. राजद भूमिहार बेल्ट की दो सीटें ले चुका है. तीन लोकसभा सीटों को भूमिहार बहुल सीट माना जाता है. मुंगेर, नवादा और बेगूसराय भूमिहार बहुल सीट माना जाता है. नवादा पर राजद ने पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है. बेगूसराय से तनवीर हसन को राजद ने चुनावी मैदान में उतारने का मन बनाया है. भाकपा के प्रत्याशी कन्हैया कुमार को फिलहाल महागठबंधन का समर्थन हासिल नहीं है. जाहिर है जब भूमिहार बहुल 3 सीटों में 2 सीटें राजद ने एमवाई समीकरण के लिए ले रखी है तो भूमिहार बहुल तीसरी सीट को उसे हर हाल में छोड़ना ही होगा. कांग्रेस पार्टी का आधार वोट बैंक मुस्लिम और सवर्ण मतदाता ही है. लिहाजा यदि इस मुंगेर सीट पर भी कांग्रेस पार्टी समझौता कर लेगी तो सीधा संदेश जाएगा कि कांग्रेस पार्टी राजद के आधार मतदाताओं के सहारे ही चुनाव मैदान में उतरी है. अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी मुंगेर की सीट को हर हाल में ले रही है.
 
राजद का दावा लगातार हो रहा कमजोर
 
मुंगेर सीट पर राजद का दावा किसी सूरत में बनता हुआ दिख नहीं रहा था. प्रेशर पॉलिटिक्स के तहत राजद ने रामबदन राय को कुछ दिनों के लिए क्षेत्र में उतारा भी था लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है. मुंगेर सीट पर राजद की दावेदारी लगातार कमजोर होती जा रही थी. कांग्रेस भी मुंगेर को लेकर राजद के दबाव में आने को तैयार नहीं है. जिस तरह दरभंगा और सुपौल के मसले पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है, उसी तरह मुंगेर को लेकर भी कांग्रेस का रुख कड़ा ही है. कीर्ति आजाद को दरभंगा की उम्मीदवारी से वंचित कर दिया गया था. राजद ने वह सीट अपने पास रख ली लेकिन कांग्रेस के दबाव की वजह से कीर्ति आजाद को बेतिया से चुनाव लड़ाया जा रहा है. यह दीगर है कि वहां से राजन तिवारी को चुनाव लड़ना था. राजन तिवारी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. ठीक उसी तरह मुंगेर को लेकर भी कांग्रेस पार्टी का टफ स्टैंड था.
 

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