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मोकामा में शांतिपूर्ण चुनाव कराना बड़ी चुनौती

By Republichindi desk | Publish Date: 4/2/2019 8:21:55 AM
मोकामा में शांतिपूर्ण चुनाव कराना बड़ी चुनौती

पटना: आसन्न लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्वक सम्पन्न करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. मोकामा विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्वक चुनाव सम्पन्न कराना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है. मोकामा शहरी और मोकामा टाल इलाके में  बंदूकों की गरज हो न हो यह तो भविष्य के गर्भ में है पर इतना जरूर है कि असामाजिक तत्व अपनी उपस्थिति दर्ज करने का भरपूर प्रयास करेंगे. मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अपराधियों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

प्रत्याशियों के समर्थक झोंकेंगे ताकत

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारियों के अनुसार दो प्रमुख प्रत्याशियों के प्रबन्धकों - समर्थकों के द्वारा इस चुनाव को जीवन मरण का चुनाव घोषित कर दिया गया है. उनके द्वारा यह भी लगातार कहा जा रहा है कि जो भी संभव होगा सो किया जाएगा. इस घोषणा के बाद से ही यह माना जाने लगा है कि हर तरह की कोशिशें की जाएंगी ताकि किसी तरह मतदान प्रक्रिया, मतदाताओं तथा माहौल को अपने पक्ष में  किया जा सके. आम मतदाताओं ने अभी पूरी तरह  से चुप्पी साध रखी है और इस चुप्पी के कारण प्रमुख प्रत्याशियों के खेमे में  बेचैनी साफ देखी  जा रही है. बाहर से भले ही सब कुछ शांत दिखाने  की कोशिशें हो रही हों पर अंदर अंदर इन संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है कि मतदान से ठीक पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए साम-दाम-दंड-भेद की नीति पर हरसंभव काम हो. साम दाम की नीति तक तो कुछ माहौल बिगड़ने वाला नहीं है पर यदि प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा दंड और भेद की नीति पर काम किया गया तो फिर माहौल को बिगड़ने से कोई नहीं रोक सकता है. पुलिस प्रशासन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती भी यही होगी कि प्रत्याशियों के उद्दंड समर्थकों पर हर हाल में लगाम लगाया जाय.

सीसीए की कार्रवाई हुई पर प्रभावी नहीं

मोकामा के अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ  सीसीए की कार्रवाई हुई है पर इस कार्रवाई को प्रभावी अमल में लाये जाने पर संदेह है. पिछले चुनावों में भी कई अपराधियों पर सीसीए की कार्रवाई हुई थी पर जिलाबदर के नाम पर अपराधियों को महज पटना जिला के ही थानों में हाजिरी लगाने को कहा गया था. हाजिरी लगाने में भी अपराधियों ने जुगाड़ तकनीक का सहारा लिया था तथा रोजाना तयशुदा समय और तारीख पर हाजिरी लगाने कई गुंडे मवाली गए ही नहीं थे.

सभी बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल बेहद जरूरी

मोकामा विधानसभा के सभी बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का होना बेहद जरूरी होगा यदि सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती नहीं हुई तो जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर ही मतदान को पूरा कराया जाएगा. मतदान केंद्रों पर सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेज का होना इसलिए भी बेहद जरूरी है क्योंकि निष्पक्ष चुनाव कराने में उनकी मौजूदगी बेहद अहम होती है. मुख्य सड़क किनारे की बस्तियों से लेकर टाल और दियारा इलाके में यदि अर्धसैनिक बलों को हर बूथों पर तैनात नहीं कराया गया तो उम्मीदवारों के दबंग और बाहुबली समर्थक जोर आजमाइश जरूर करेंगे. दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के पक्ष में दबंगों और बाहुबलियों की संख्या काफी अधिक है, लिहाजा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बेहद जरूरी है.

274 मतदान केंद्रों पर होगा मतदान 

मोकामा विधानसभा में 274 मतदान केंद्र हैं। मोकामा, घोसवरी और पंडारक प्रखंडों को मिलाकर बने मोकामा विधानसभा क्षेत्र टाल और दियारा इलाके में भी फैला हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के किनारे बसे गांव के मतदान केंद्रों के अलावा टाल इलाके और दियारा इलाके में भी मतदान कराना टेढ़ी खीर होगी. दियारा इलाके में कसहा दियारा पंचायत के अलावा शिवनार पंचायत के जंजीरा दियारा में भी मतदान होना है. प्रशासन ने सभी बूथों को संवेदनशील घोषित किया है लेकिन प्रशासन की विशेष नजर उन मतदान केंद्रों पर है जहां गड़बड़ी की ज्यादा आशंका है.

 

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