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जदयू एमएलसी नीरज की लालू को चिट्ठी, लालटेन युग भूल बिहार लिख रहा नई पटकथा

By Republichindi desk | Publish Date: 4/11/2019 9:14:53 AM
जदयू एमएलसी नीरज की लालू को चिट्ठी, लालटेन युग भूल बिहार लिख रहा नई पटकथा

पटना: जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद को चिट्ठी लिखी है. लालू को लिखी गई चिट्ठी में जदयू नेता ने कहा है कि बिहार के लोग अब नई पटकथा लिख रहे हैं और उनके अफसोस जताने का कोई मतलब नहीं है. 

नीरज बोले – लालू लोकतन्त्र के उत्सव में शामिल होने लायक नहीं

नीरज कुमार ने कहा कि बिहार प्रारंभ से ही नई गाथा लिखते रहा है. पूरे देश में चल रहे लोकतंत्र के उत्सव में जब आप शामिल होने के ही योग्य नहीं हैं, तो इस पर लिखने या अफसोस जताने से क्या लाभ? नीरज ने कहा कि वैसे भी बिहार के लोग अब उस ’लालटेन युग’ और ’जंगल राज’ को भूलकर नए बिहार की पटकथा लिख रहे हैं. 

गौरवशाली वर्तमान के लिए लोग व्यग्र

जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि यहां के लोग बिहार को अपने उस गौरवशाली  अतीत की तरह वर्तमान गौरवशाली बनाने के लिए व्यग्र हैं, जिसकी पटकथा सुशासन के इस सरकार ने लिखी है. वैसे, आपकी व्यग्रता और छटपटाहट उस कालखंड का परिणाम हैं, जिसके लिए अदालत ने भी उस काल को ’जंगल राज’ कहा था. नीरज ने कहा कि लालू की व्यग्रता जेल में रहने के कारण बढ गई है परंतु आप कोई स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई के कारण, अल्पसंख्यकों या सामाजिक न्याय की लड़ाई लडने के कारण जेल नहीं गए हैं बल्कि अदालत ने आपको सरकारी राशि के घोटाला करने में दोषी पाया है। ऐसे में आपको सजा तो होनी ही थी.

बेटों को भी घसीटा अपनी राह पर 

हालांकि, आपने अपने राजनीतिक जीवन में परिवार के लिए अकूत बेनामी संपत्ति अर्जित कर ही लिया तथा अपने पुत्रों को भी राजनीति में ’सेट’ कर ही दिया तो फिर अब क्या शेष रह गया. नीरज ने कहा कि लालू तो राजनीतिक गुरु बन अपने रास्ते पर चलने के लिए अपने पुत्रों को भी प्रशिक्षित कर चुके हैं. जदयू नेता ने कहा कि जिस संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तो अब आपके ’चरवाहा विद्यालय’ वाला युग गुजर गया है. लोकतंत्र और संविधान में ही अदालत का भी समावेश है और लालू की करनी के कारण देश की सर्वोच्च अदालत आपको जमानत तक देने को तैयार नहीं हैं. लालू को तो उसी संविधान के तहत सजा सुनाई गई है, जिसे बचाने की अनर्गल दुहाई दी जा रही है.

 

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