26 जून 2019, बुधवार | समय 20:08:12 Hrs
Republic Hindi Logo

चुनाव फरवरी-मार्च या अक्टूबर-नवंबर में हो-नीतीश

By Republichindi desk | Publish Date: 5/20/2019 12:36:01 PM
चुनाव फरवरी-मार्च या अक्टूबर-नवंबर में हो-नीतीश

रिपब्लिक डेस्क. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तपती गर्मी में चुनाव की इतनी लंबी अवधि उचित नहीं. इस बाबत सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए कि चुनाव फरवरी-मार्च या फिर अक्टूबर-नवंबर में हो. इतने चरण भी ठीक नहीं है. एक चरण तो ठीक है, पर अगर तीन चरण तक भी हो जाए तो बेहतर होगा. चुनाव के बाद वह सभी राजनीतिक दल के अध्यक्षों को इस बारे में लिखेंगे.

मुख्यमंत्री से जब यह पूछा गया कि 23 (मतगणना की तिथि) कितना टफ रहेगा तो उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से रिलैक्स हैं. किसी चीज को टफ नहीं मानते हैं. इसकी वजह यह है कि हम अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ करते हैं. 44 डिग्री तापमान में मैंने चुनाव प्रचार किया. लोकतंत्र में तो जनता मालिक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन में उनकी वापसी की बात बकवास है.

यह भूलना नहीं चाहिए कि वर्ष 2015 में लालू प्रसाद की प्रतिष्ठा इसलिए बढ़ी कि हमलोग साथ में थे. ऐसी परिस्थिति बनी कि उन्हें छोडऩा पड़ा. अब साथ जाने का कहां प्रश्न है. सीएम ने कहा कि उनसे हमने तो केवल सफाई मांगी थी. न वह कर पाए और न ही कांग्रेस यह करा पाई. अचानक एक नया गठबंधन बना, जिसे हमने स्वीकार किया. प्रशांत किशोर को हम क्यों भेजेंगे उनके पास. अपने को चर्चा में रखने के लिए वे लोग ऐसी बात करते हैं. भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथू राम गोडसे के महिमा मंडन प्रकरण पर मुख्यमंत्री से जब उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि यह बर्दाश्त नहीं है. यह देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का है. उनके बारे में कोई कुछ कहे, यह ठीक नहीं है.

साध्वी प्रज्ञा पर कार्रवाई की मांग के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं इस बारे में कहा है. यह भाजपा का अंदरुनी मामला है. धारा 370 और कॉमन सिविल कोड के संबंध में भाजपा नेताओं की आ रही टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कौन क्या कह रहा है, यह हम नहीं जानते पर पर इन मामलों में उनके दल की स्पष्ट राय काफी पहले से रही है. धारा 370 हटाने के पक्ष में वह किसी कीमत पर नहीं हो सकते. वह इन बातों से समझौता नहीं कर सकते. मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जा की बात तो हम पहले से ही कहते रहे हैं. जहां तक जदयू के मेनिफेस्टो की बात है, तो वह पहले से प्रकाशित है. 2005 में जो था वही 2010 और 2015 में भी था.

Copyright © 2018 Shailputri Media Private Limited. All Rights Reserved.

Designed by: 4C Plus