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रूसी महिलाओं ने पितरों की शांति के लिए किया पिंडदान, भारतीय संस्कृति में जताई आस्था

By Republichindi desk | Publish Date: 9/26/2019 2:12:24 PM
रूसी महिलाओं ने पितरों की शांति के लिए किया पिंडदान, भारतीय संस्कृति में जताई आस्था

न्यूज डेस्कः विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2019 अब अंतिम चरण में है. इस दौरान लाखों की संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालु गयाजी पहुंच रहे हैं और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर रहे हैं. इसी क्रम में आज रूस देश से 6 की संख्या में विदेशी महिलाएं विष्णुपद मंदिर पहुंची. जहां उन्होंने विष्णुपद मंदिर के प्रांगण में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व श्राद्ध कर्मकांड किया. भारतीय वेशभूषा में विदेशी महिलाओं ने पूरे वैदिक रीति-रिवाज से पिंडदान कर्मकांड की प्रक्रिया को पूरा किया. इसके बाद पवित्र मोक्षदायिनी फल्गु नदी के जलसे तर्पण किया.

इस दौरान विदेशी महिला ने बताया कि यहां आकर बहुत अच्छा लगा. भारतीय संस्कृति बहुत ही अच्छी है. पितरों की आत्मा की शांति के लिए गयाजी में पिंडदान करने के बारे में सुना था. इसलिए यहां आकर हम सभी अपने पितरों की मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान कर रहे हैं.

वहीं पिंडदान कर्मकांड को कराने वाले पंडा लोकनाथ गौड़ ने कहा कि रूस देश से 6 की संख्या में महिलाएं गया पहुंची हैं. जहां उन्होंने अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान किया है. इसके पहले वाराणसी में भी इनके द्वारा पूजा-पाठ किया गया है. उन्होंने कहा कि 3 दिनों तक पिंडदान की प्रक्रिया चलेगी. विभिन्न पिंडवेदियो पर इनके द्वारा पिंडादान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य देशों के भी विदेशी श्रद्धालु यहां आने वाले हैं. जो शहर के विभिन्न पिंडवेदियो पर पिंडादान करेंगे.

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