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पति की एक तिहाई कमाई पर पत्नी का हक

By Republichindi desk | Publish Date: 6/7/2019 3:16:47 PM
पति की एक तिहाई कमाई पर पत्नी का हक

रिपब्लिक डेस्क : पति-पत्नी मिल जुल कर रहें. अगर नहीं रह सकते तो पति की कमाई के एक तिहाई भाग पर पत्नी का हक है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पति की कुल सैलरी का एक तिहाई हिस्सा पत्नी को गुजारा भत्ते के तौर पर दिया जाए. कोर्ट ने कहा कि आमदनी के बंटवारे का फॉर्म्युला तय है. इसके तहत नियम है कि अगर कोई और निर्भर नहीं हो तो पति की कुल सैलरी के दो हिस्से पति के पास और एक हिस्सा पत्नी को दिया जाएगा. कोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया है कि महिला को पति की सैलरी से 30 फीसदी मिले.

महिला की शादी 7 मई 2006 को हुई थी. उनके पति सीआईएसएफ में इंस्पेक्टर हैं. 15 अक्टूबर 2006 को दोनों अलग हो गए. उसके बाद महिला ने गुजारा भत्ते के लिए अर्जी दी. 21 फरवरी 2008 को महिला का गुजारा भत्ता तय किया गया. इसके तहत उनके पति को निर्देश दिया गया कि वह अपनी कुल सैलरी का 30 फीसदी पत्नी को दें. फैसले को महिला के पति ने चुनौती दी. ट्रायल कोर्ट ने गुजारा भत्ता 30 फीसदी से घटाकर सैलरी का 15 फीसदी कर दिया. तब फैसले को महिला ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी.

महिला के वकील ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने गुजारा भत्ता 15 फीसदी कर दिया और कोई ठोस कारण नहीं बताया. वहीं, पति की ओर से दलील दी गई कि महिला अकाउंट की डिटेल बताएं और साफ करें कि अकाउंट में किस-किस सोर्स से पैसे आए. महिला ने अकाउंट डिटेल में बताया कि उनके पिता ने खर्चे के लिए पैसे दिए. हाई कोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा ने अपने फैसले में कहा कि यह तय है कि 21 फरवरी 2008 को जो गुजारा भत्ता तय किया था, उसके तहत महिला को उसके पति की कुल सैलरी का 30 फीसदी गुजारा भत्ता तय किया गया था. दरअसल, पैसे के बंटवारे का फॉर्म्युला तय है. इसी कारण अदालत ने 30 फीसदी गुजारा भत्ता महिला को देने का कहा था. अदालत ने डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वह सैलरी से 30 फीसदी काटकर पत्नी को सीधे भेजे.
 

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