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कठुआ गैंगरेप: 6 आरोपी दोषी, तीन को उम्र कैद, तीन को 5-5 साल का कारावास

By Republichindi desk | Publish Date: 6/10/2019 11:15:48 AM
कठुआ गैंगरेप: 6 आरोपी दोषी, तीन को उम्र कैद, तीन को 5-5 साल का कारावास

न्यूज डेस्कः  जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में सोमवार को पंजाब को पठान कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. उन आरोपियों नें आनंद दत्त, सांझी राम, सुरेंद्र वर्मा, प्रवेश कुमार, दीपंकर खजूरिया व तिलक राज का नाम शामिल है. वहीं एक आरोपी विशाल को कोर्ट ने बरी कर दिया गया है.

 सांझी राम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया को उम्र कैद की सजा दी गयी है. तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सुरेंद्र वर्मा, तिलक राज व आनंद दत्त के पांच-पांच साल कैद की सजा दी गयी है.उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

बता दें कि इस मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था,जिसमें एक आरोपी नाबालिग है. उसके केस की सुनवाई जुवेनाईल कोर्ट में होगी. फैसला सुनाते समय सभी सात आरोपी कोर्ट में मौजूद थे. सुनवाई को दौरान कोर्ट के बाहर अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तौनाती की गई है.

आठों आरोपियों में मंदिर के संरक्षक और मुख्य आरोपी सांझी राम, उसके बेटे विशाल, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया उर्फ दीपू, सुरिंदर वर्मा, परवेश कुमार उर्फ मन्नू, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और उपनिरीक्षक अरविंद दत्त नाम शामिल है.

10 जनवरी को बच्ची को किया गया था अगवा

पुलिस की चार्जशीट मुताबिक, बच्ची को 10 जनवरी 2018 को अगवा कर उसे मंदिर में बंधक रखा गया था. बच्ची उस वक्त घोड़े को चरा रही थी, जब उसे अगवा किया गया था. इस दौरान उसके साथ गैंगरेप हुआ और बाद में हत्या कर दी गई थी.

17 जनवरी को मिला था शव

मामले में 15 पन्नों की चार्जशीट दायर हुई थी. आरोपपत्र के अनुसार बच्ची को 10 जनवरी को अगवा किया था, 14 जनवरी को उसकी हत्या कर दी गई थी और 17 जनवरी को उसका शव मिला था. उसे नशे की हालत में मंदिर के देवीस्थान में रखा गया था और बार-बार उसका रेप किया गया था, फिर उसकी हत्या कर दी गई थी. चार्जशीट में यह भी सामने आया था कि जम्मू के हिंदू बहुल इलाके से मुस्लिम आबादी को खदेड़ने के लिए बच्ची की नृशंस हत्या की गई थी.

चार्जशीट दाखिल करने से रोकने का प्रयास किया गया

चार्जशीट सामने आने के बाद प्रदेश में तनाव बढ़ गया था. कुछ वकीलों ने चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. यहां तक कि चार्जशीट दाखिल करने पहुंची क्राइम ब्रांच टीम को भी वकीलों के समूह ने रोकने की कोशिश की थी.
 

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