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धोनी पर आखिर क्यों नही उठेगी उंगली

By Republichindi desk | Publish Date: 7/8/2019 11:13:55 AM
धोनी पर आखिर क्यों नही उठेगी उंगली

स्पोर्ट्स डेस्क. वर्ल्ड कप 2019 में अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी देखकर निराश सचिन तेंदुलकर ने धोनी की बैटिंग को लेकर सवाल उठाए थे. तब सचिन ने कहा था कि धोनी ने काफी ज्यादा डॉट बॉल खेलीं और साथ ही उन्होंने स्ट्राइक रोटेट नहीं की. सात साल पहले कुछ इसी तरह का बयान धोनी ने भी दिया था. साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया में हुई त्रिकोणीय वनडे सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद धोनी ने कहा था कि सचिन, सहवाग और गंभीर धीमे हो गए हैं. ऐसे में अब खुद धीमी बल्लेबाजी के लिए धोनी आलोचकों के निशाने पर हैं.

2012 के उस ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली 110 रन की करारी हार के बाद धोनी ने कहा था कि सचिन, सहवाग और गंभीर को एक साथ खिलाया जा सकता है, लेकिन इससे हमारी फील्डिंग पर असर पड़ेगा. यह सिर्फ इन तीन खिलाड़ियों के बारे में नहीं है, बल्कि कुछ और भी खिलाड़ी हैं जो थोड़े धीमे हैं. धोनी ने कहा था कि ये खिलाड़ी खराब नहीं हैं, लेकिन यहां के बड़े मैदानों के हिसाब से थोड़े धीमे हैं. बल्लेबाजी और गेंदबाजी में आप कभी चलते हैं कभी नहीं, लेकिन फील्डिंग ऐसा क्षेत्र है जहां आप हमेशा रन बचा सकते हैं.

महेंद्र सिंह धोनी की वर्ल्ड कप में बल्लेबाजी को देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा है कि हम उसी धोनी को देख रहे हैं, जिसके नाम का खौफ कभी गेंदबाजों के सिर चढ़कर बोलता था. अपनी मर्जी के हिसाब से छक्का मारने वाले धोनी अब गेंद को छह रनों के लिए भेजने के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं. एक नजर धोनी का वर्ल्ड कप 2019 में प्रदर्शन पर डालते हैं.

-दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 46 गेंद पर 34 रन.
-ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 14 गेंद पर 27 रन.
-पाकिस्तान के खिलाफ 2 गेंद पर 1 रन.
-अफगानिस्तान के खिलाफ 52 गेंद पर 28 रन.
-वेस्टइंडीज के खिलाफ 61 गेंद पर 56 रन.
-इंग्लैंड के खिलाफ 31 गेंद पर 42 रन.
-बांग्लादेश के खिलाफ 33 गेंद पर 35 रन.

2011 वर्ल्ड कप भारत को दूसरी बार दिलाने वाले महेंद्र सिंह धोनी न केवल पूर्व कप्तान हैं बल्कि टीम के सबसे वरिष्ठ व अनुभवी सदस्य भी हैं. ऐसे में वर्ल्ड कप 2019 के इनके प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं. धोनी ने 7 मैचों में सिर्फ 223 रन बनाए हैं जिसमे 4 छक्का और 19 चौका शामिल है. 56 सर्वोच्च रन का सिर्फ एक अर्धशतक है. श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मैच में धोनी को बल्लेबाजी का मौका ही नही मिला. आलोचकों के मुताबिक धोनी बतौर फिनिशर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं. बांग्लादेश के खिलाफ छक्का लगाने के चक्कर में धोनी सिंगल्स भी नहीं ले रहे थे. बाद में वो आखिरी ओवर में आउट हो गए. उन्होंने जो भी रन बनाए हैं, वो फिनिशर के लिहाज से तेज गति से नहीं बनाए गए.

धोनी बतौर विकेटकीपर भी विकेट के पीछे बल्लेबाजों को आउट करने के मामले में विश्वकप 2019 में तीसरे सबसे खराब विकेटकीपरों की लिस्ट में हैं. उन्होंने 7 मैचों में महज तीन कैच पकड़े हैं, जबकि दो स्टपिंग की हैं. इस विश्वकप में दुनिया भर के विकेटकीपरों में महज अफगानिस्तान के इकराम अखिल और मोहम्मद शहजाद से ही धोनी आगे हैं. विकेट के पीछे सरफराज अहमद भी धोनी से अधिक बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में कामयाब रहे.

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