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राजनीति में आना मेरी सबसे बुरी गलती होगी : रतन टाटा

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 4/4/2019 3:04:44 PM
राजनीति में आना मेरी सबसे बुरी गलती होगी : रतन टाटा

रिपब्लिक डेस्क: जब कोई रतन हो और टाटा उसकी टाइटल हो फिर ऐसे आदमी से कोई चूक कैसे हो सकती है. उद्योगपतियों के लिए आदर्श टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के बारे में कहा जाता है कि वह अनएथिकल प्रैक्टिस (unethical practice) ना तो स्वये करते हैं और ना ही अपने कर्मचारियों को ऐसा करने की सलाह देते हैं. उनसे जब पूछा गया कि क्या आप राजनीति में आयेंगे तो उन्होंने क्या कहा, जानकर आप चौके बिना नहीं रहेंगे.

मुंबई में जब उनसे पूछा गया कि क्या वो राजनीति में आएंगे तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए राजनीति में आना सबसे बुरी चीज और बुरी गलती होगी क्योंकि मैं सफल नहीं हो पाऊंगा. उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है. रतन टाटा का कहना है कि उनका राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है.

मुबंई में आयोजित होटल इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस में बुधवार को रतन टाटा से इस बारे में सवाल किया गया था. उन्होंने कहा कि एक बिजनेस लीडर को समझने में लंबा वक्त लगता है. हालांकि, उसके प्रति आदर का भाव तुरंत आ सकता है. रतन टाटा ने कहा है जब मैं टाटा ग्रुप का चेयरमैन था तो ऑटोमोबाइल बिजनेस को वक्त दिया क्योंकि उस वक्त हम ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल के लिए देसी प्रोडक्ट बनाने जैसा रोमांचकारी काम कर रहे थे.

एपल और गूगल से प्रभावित

टाटा का कहना है कि वो अपनी जिंदगी के पायलट रहे हैं और एविएशन सेक्टर के हित में बड़ी डील की इच्छा रखते हैं. टाटा मानते हैं कि ग्रुप पर मुश्किल में फंसे कारोबारों को लंबे समय तक खींचने के आरोप लग सकते हैं. लेकिन, किसी बिजनेस को छोड़ना बहुत मुश्किल होता है.टॉप पर पहुंचने वाले कारोबारों की तारीफ करते हुए रतन टाटा ने कहा कि पहले स्पीकर कंपनी बोस उनकी पसंद थी लेकिन अब वो टेक कंपनी एपल और गूगल से प्रभावित हैं.

उद्योगति को समझने में समय लगता है

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने बुधवार को कहा कि एक कारोबारी दिग्गज यानी उद्योगति को समझने में काफी समय लगता है. रतन टाटा ने 2012 में टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद छोड़ दिया था. टाटा से जब पूछा गया है कि कंपनी को चलाने के लिए उम्मीदवार का चयन करते समय वह देखते हैं तो उन्होंने कहा कि शुरू में किसी की तारीफ करने की गुंजाइश होती है लेकिन किसी व्यक्ति के साथ काम करने के बाद ही उसके बारे में पता चलता है.

रतन टाटा ने दक्षिण एशिया होटल इन्वेस्टमेंट सम्मेलन में कहा कि वास्तव में आपको अपने साथ काम करने वाले व्यक्ति के बारे में जानने में लंबा समय लगता है.’  टाटा संस के निदेशक मंडल द्वारा साइरस मिस्त्री को हटाने के बाद 2016 में रतन टाटा ने समूह से दोबारा जुड़े थे और एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति तक कंपनी में रहे. टाटा समूह की 100 से अधिक कंपनियों में से रतन टाटा ने एविएशन और वाहन कारोबार को अपने पसंदीदा कारोबार के रूप में चुना.
 

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