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फिल्म नायक की तरह पत्रकार को एक दिन का रेलमंत्री बनने का ऑफर दिये गोयल

By Republichindi desk | Publish Date: 6/12/2018 4:48:49 PM
फिल्म नायक की तरह पत्रकार को एक दिन का रेलमंत्री बनने का ऑफर दिये गोयल

 नई दिल्लीः अभिनेता अनिल कपूर का नायक फिल्म का वह सीन तो याद ही होगा. जब मुख्यमंत्री बने अमरीशपुरी ने अनिल कपूर को एक दिन का मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दिया था. ठीक उसी प्रकार केद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक पत्रकार को एक दिन का मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दिया है. यह पूरा मामला मोदी सरकार के कार्यकाल के चार साल पूरे होने पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है. गोयल पिछले चार साल में रेल मंत्रालय की उपलब्धियों के बारे में बता रहे थे. इसी दौरान एक मीडियाकर्मी ने रेल विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर सुझावों से भरा एक पत्र गोयल को सौंपा. 

उस  लेटर को देखने के बाद रेलमंत्री मुस्कुराने लगे. इसके बाद उन्होंने वो किया जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था. रेलमंत्री ने उस पत्रकार को एक दिन के लिए रेलमंत्री बनने का ऑफर दे दिया. गोयल ने फिल्म 'नायक' का जिक्र करते हुए कहा कि नायक फिल्म की तरह एक दिन के लिए आप मेरी जगह ले लो और खुद नियम कायदों को लागू कराओ. रेलमंत्री की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों को लगा कि वे मजाक में ये बात कह रहे हैं  लेकिन वे अपनी बात को लेकर सीरियस दिखे. गोयल ने वहां मौजूद रेल बोर्ड के चैयरमैन से इस तरह का एक मॉक इवेंट भी आयोजित करने के लिए कहा. हालांकि इसके साथ ही ये भी कहा कि ताकि सबका मनोरंजन हो सके.

मंत्रालय का पूरा ध्यान सुरक्षा पर 

पिछले कई महीनों से ट्रेनों की लेटलतीफी की वजह से रेल मंत्रालय की काफी किरकिरी हो रही है. इस दौरान कई ट्रेनों ने तो देरी का नया रिकॉर्ड भी बना डाला. हालांकि विभाग ने मेंटेनेंस की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की. जिसके बाद खुद रेलमंत्री ने आगे आकर सभी डीआरएम को चेतावनी देते हुए कहा था कि ट्रेनें अगर वक्त पर नहीं चलेंगी तो उनके प्रमोशन रोक दिए जाएंगे. गोयल ने बताया कि अभी रेलवे का पूरा फोकस सुरक्षा पर है. 

हर स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं. ज्यादा से ज्यादा कोचों में कैमरे लगाने की कोशिश है. ट्रेन देरी से  पहुंचने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े काम का बैकलॉग विरासत में मिला है. उसे पूरा करने के चलते ट्रेन परिचालन में देरी हो रही है. रेलवे सुरक्षा कोष से ट्रैक की मरम्मत तेजी से जारी है ट्रेनों का समय और सिग्नल व्यवस्था सुधारने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि  2013-14 में 118 ट्रेन हादसे हुए थे, जो 2017-18 में घटकर 73 रह गए.  

 

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