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नोटबंदी थी देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद करनेवाली आपदा

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 11/8/2019 11:57:50 AM
नोटबंदी थी देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद करनेवाली आपदा

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: नोटबंदी के तीन साल पूरे हो चुके हैं. इसकी सफलता-असफलता को लेकर अलग-अलग दावे हैं. आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी. सरकार ने रातोंरात 500 और 1000 रुपये के नोटों को अवैध करार दिया था. साथ ही यह भी कहा गया था कि इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता कम होगी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसे देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद करनेवाली आपदा बताया है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी एक आपदा साबित हुई है जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया. प्रियंका ने आठ नवंबर को नोटबंदी के तीन साल पूरे होने के मौके पर मोदी सरकार पर यह हमला बोला. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि नोटबंदी को तीन साल हो गए. सरकार और इसके नीम-हकीमों द्वारा किए गए, ‘नोटबंदी सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज’ के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गए. नोटबंदी एक आपदा साबित हुई जिसने हमारी अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी. इस ‘तुग़लकी’ कदम की जिम्मेदारी अब कौन लेगा?

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नोटबंदी को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज 'नोटबंदी आपदा' की तीसरी वर्षगांठ है. इसकी घोषणा के कुछ ही मिनटों के भीतर मैंने कहा था कि यह अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों के जीवन को बर्बाद कर देगा. प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, आम लोग और सभी विशेषज्ञ अब इससे सहमत हैं. रिजर्व बैंक के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि यह एक निरर्थक अभ्यास था.

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