26 अगस्त 2019, सोमवार | समय 05:49:27 Hrs
Republic Hindi Logo

जेएंडके बैंक पर होगा केंद्र का कब्जा, नेताओं के खाते पर RTI की नजर

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 8/6/2019 2:33:57 PM
जेएंडके बैंक पर होगा केंद्र का कब्जा, नेताओं के खाते पर RTI की नजर

रिपब्लिक डेस्क: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद अब जेएंडके बैंक भी केंद्र सरकार के अधीन हो जायेगा. साथ ही बैंक को RTI के अधीन भी लाया जायेगा. इस बैंक को आरटीआई के दायरे में लाने के मुद्दे पर विधानसभा में भी हंगामा हो चुका है. सत्ता में रहते हुए बीजेपी के सदस्यों ने ही इसे आरटीआई के दायरे में लाने की मांग की थी. आरटीआई लागू होने से बैंक की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी. अभी इस बैंक में 60 फीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार के पास है. यह राज्य का सबसे प्रमुख बैंक है, जिसकी शाखाएं पूरे राज्य में मौजूद हैं. इसमें कश्मीर के अधिकांश नेताओं का खाता भी है.

बैंक के बोर्ड में अब सभी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार के पास न रहकर के वित्त मंत्रालय और आरबीआई के पास चला जाएगा. अभी तक इस बैंक में राज्य के सचिव के पार 55.89 फीसदी और राज्य सरकार के वित्त विभाग के पास 3.34 फीसदी की हिस्सेदारी थी. अभी बैंक को ज्यादातर वित्तीय मदद राज्य सरकार से ही मिलती है. हालांकि इसके बावजूद इसको निजी सेक्टर का बैंक माना जाता है.

जेएंडके बैंक को इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुनाफा 58 फीसदी घटकर के 22 करोड़ रुपये पर आ गया था. सोमवार को बीएसई पर बैंक का शेयर 3.13 फीसदी गिरकर 34.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव कौंसिल (एसएसी) ने गत वर्ष नवंबर में जेके बैंक को पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. साथ ही प्रस्ताव में बैंक को राज्य विधानसभा के प्रति जिम्मेदार बनाया गया था. इस प्रस्ताव का बैंक कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर भारी विरोध किया था. कर्मचारियों के भारी विरोध को देखते हुए गत वर्ष चार दिसंबर को राज्यपाल ने कहा था कि विधानसभा के प्रति जिम्मेदार बनाए जाने के मामले का दोबारा परीक्षण किया जाएगा. अब अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद परिस्थितियां बदल गयी हैं.
 

Copyright © 2018 Shailputri Media Private Limited. All Rights Reserved.

Designed by: 4C Plus