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आपकी इंटरनेट सेवाएं भी हो सकती हैं बंद, यह है कारण

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 8/9/2019 11:17:29 AM
आपकी इंटरनेट सेवाएं भी हो सकती हैं बंद, यह है कारण

रिपब्लिक डेस्क: सोशल साइट्स पर अफवाह और भ्रामक खबरों को रोकने के लिए हिंसा और तनावग्रस्त इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी जाती हैं. सांप्रदायिक हिंसा और दंगा फैलाने के लिए स्वार्थी तत्व संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट का दुरुपयोग करते हैं. इंटरनेट सेवाओं को बंद करते-करते हालात ऐसे हो गये हैं कि अब आम लोगों को दी जानेवाली इंटरनेट सेवाएं भी बंद करने की नौबत आ गयी है. भारत में इंटरनेट सेवा बंद होने से 2012 से 2017 के बीच करीब 23 हजार 800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

फिलहाल जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के बाद कर्फ्यू के साथ इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी थीं. देश के दूसरे भी कई इलाके हैं जहां पिछले कुछ साल में कर्फ्यू के साथ कई बार इंटरनेट भी बंद करना पड़ा है. मालूम हो कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार रात को मंजूरी दी थी. इससे पहले संसद ने भी इस विधेयक पर अपनी मुहर लगाई थी.

जम्मू कश्मीर में जुलाई-अगस्त, 2016 में 60 दिनों तक लगा था कर्फ्यू, इस दौरान 133 दिनों तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं थी. घाटी में 8 जुलाई, 2016 से 19 नवंबर, 2016 तक 178 बार इंटरनेट सेवा बंद की जा चुकी है. जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 में अब तक साल में 53 बार इंटरनेट सेवा बंद की जा चुकी है. पिछले साल 65 बार इंटरनेट सेवा बंद की गयी थीं.

जम्मू कश्मीर के अलावा देश के कई भागों में समय-समय पर इंटरनेट सेवाएं बंद होती रही हैं. उत्तर प्रदेश के आगरा में अप्रैल 2018 को दलित आंदोलन के दौरान दो दिन इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं. जुलाई 2019 में मंटोला बवाल के बाद भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी थी. कासगंज में जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा के बाद तीन दिन कर्फ्यू रहा. दो दिन तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयीं थीं.

बिहार के सीतामढ़ी में अक्टूबर 2018 को नवरात्र पर विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद धारा 144 लगा दी गयी, जिसके कारण सात दिनों कर इंटरनेट सेवा बन्द रहीं. भोजपुर में अक्टूबर 2017 में पीरो में हिंसा के बाद 24 घंटे इंटरनेट बंद रहा. 2018 में नवादा में भी 48 घंटे इंटरनेट सेवा रोकी गई. इसके अलावा पूर्वी चंपारण में 2016 में तुरकौलिया और सुगौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल होने पर तीन दिनों इंटरनेट बंद रखा गया.

झारखंड के कोडरमा में सितंबर 2018 में जयनगर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों में तनाव के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था. दो दिनों तक इंटरनेट सेवाएं ठप रहीं. सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर में 20 मई 2017 को हंगामे के बाद पूरे शहर में दो दिनों तक कर्फ्यू लगा दिया गया. पश्चिम बंगाल में भी उत्तर 24 परगना जिले के कई शहरों में चुनाव के पहले और बाद में हिंसा के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी थीं.
 

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