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मोकामा बेगूसराय सिक्स लेन ब्रिज: ठेकेदारी को लेकर और उलझेगा मामला

By Republichindi desk | Publish Date: 9/11/2019 7:59:32 AM
मोकामा बेगूसराय सिक्स लेन ब्रिज: ठेकेदारी को लेकर और उलझेगा मामला
पटना: मोकामा बेगूसराय सिक्स लेन ब्रिज में ठेकेदारी में हिस्सेदारी को लेकर तनातनी जारी है. मोकामा छोर पर भले स्थिति शांत है लेकिन  बेगूसराय छोर पर अपराधियों के सीधे हस्तक्षेप के कारण कभी भी कोई घटना आगे भी घट सकती है. गौरतलब है कि कल शाम को ठेकेदारी में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद में बेगूसराय के कुख्यात अपराधी संजय राय को गोली मार दी गई थी. संजय राय ने ही चार दिन पहले निर्माण कार्य बंद करवा दिया था.
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सिक्स लेन ब्रिज को लेकर जिस तरह तनातनी की स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे यह मामला अभी सुलझता हुआ दिख नहीं रहा है. बेगूसराय की पुलिस भले ही कल हुए फ़ायरिंग मामले को अपराधियों के बीच का आपसी विवाद बता रही हो लेकिन हकीकत यही है कि सिक्स लेन ब्रिज के निर्माण कार्य में बेगूसराय छोर पर कई अपराधी सक्रिय हो गए हैं. मोकामा के हाथीदह तरफ अभी इस तरह का विवाद इसलिए दिख नहीं रहा है क्योंकि इसमें स्थानीय ठेकेदारों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है लेकिन बेगूसराय छोर पर कई अपराधी सक्रिय हो गए हैं. मोकामा तरफ भी कुछ अपराधियों ने ठेकेदारी में हिस्सेदारी करने को लेकर जाल बुनना शुरू किया था लेकिन पुलिस ने काफी कड़ा रुख अपनाया था. इसके बाद अपराधी यहां सक्रिय नहीं हो सके. बेगूसराय तरफ अपराधियों द्वारा ठेकेदारी में हिस्सेदारी की मांग को लेकर काम रुकवाना, दो दिनों तक काम बंद रहना और फिर अचानक फायरिंग की घटना सारी कहानी खुद ही बयान कर देती है.
 
संजय राय दरअसल वही शख्स है जिसने तीन दिन पहले काम बंद कराया था. सोमवार शाम को अचानक उस पर ही हमला हो जाने से स्पष्ट है कि वहां घात प्रतिघात का दौर अभी थमेगा नहीं. संजय राय इलाके का एक बड़ा अपराधी है और निश्चित तौर पर वह इस घटना की जवाबी कार्रवाई को अपने गुर्गों द्वारा अंजाम जरूर दिलाएगा. खुद बेगूसराय के एसपी भी बता रहे हैं कि उसके खिलाफ लगभग 30 मामले दर्ज हैं. मरांची थानाध्यक्ष ने भी बताया कि मरांची थाना में हत्या के दो मामलों में वह वांछित था. निर्माण कंपनी के अधिकारियों की भी जिम्मेवारी तय होगी. ठेकेदारी में हिस्सेदारी को लेकर अकेले पटना या बेगूसराय पुलिस पर जवाबदेही तय नहीं की जा सकती है. सूत्रों की मानें तो निर्माण कंपनी के अधिकारी भी उसमें उतने ही जिम्मेवार हैं. अपराधियों के अलावा इलाके के टुच्चे लफंगों को भी निर्माण कार्य से पेटी ठेकेदार या सप्लायर के तौर जोड़ने की प्रवृत्ति के कारण मामला उलझा है.
 
सिक्स लेन ब्रिज का निर्माण करा रही कंपनी के अधिकारियों पर भी पुलिस की नजरें टिकी हुई हैं. दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार निर्माण कंपनी के कुछ अधिकारियों द्वारा अपराधियों के प्रति सॉफ्ट रूख रखने की खबरें पहले भी आती रही हैं. काम अभी लंबा चलेगा और यदि अपराधियों द्वारा इसी तरह की मनमानी की जाती रही और अपराधियों को इसी तरह जोड़ा जाता रहा तो पटना या बेगूसराय जिला की पुलिस चाहकर भी बहुत कुछ नहीं कर पाएगी.
 

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