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बिहार में जमीन से जुड़े फ्रॉड पकड़ने के लिए बन रहा है स़ॉफ्टवेयर

By लोकनाथ तिवारी | Publish Date: 10/26/2019 12:56:45 PM
बिहार में जमीन से जुड़े फ्रॉड पकड़ने के लिए बन रहा है स़ॉफ्टवेयर

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: बिहार में जमीन के म्यूटेशन में जालसाजी और दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायतों का अंबार लग गया है. मिली जानकारी के अनुसार दबंग लोगों और सरकारी बाबुओं की कारस्तानी से जमीन के नक्शे, म्यूटेशन, रजिस्ट्री, लगान और दाखिल खारिज में गड़बड़ियां की जाती है. इस पर अंकुश लगाने और जमीन से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए बिहार सरकार नया सॉफ्टवेयर डेवलप करने जा रही है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार का मानना है कि इस स़ॉफ्टवेयर से लोगों को जमीन से जुड़े फ्रॉड से निजात मिल सकेगी.

बिहार में राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जमीन से जुड़े मामलों के लिए अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जाएगी. राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव ने ऑनलाइन कंप्लेन सिस्टम के लिए प्लेटफॉर्म डेवलप करने का निर्देश दिया है साथ ही साथ अनुमंडल स्तर पर भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. सरकार की तरफ से की जा रही इस सारी कवायद के पीछे अंचल अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी और भूमाफिया के साथ उनकी मिलीभगत पर अंकुश लगाना है.

नीतीश सरकार ने जमीन के दाखिल खारिज, जमाबंदी, लगान और रजिस्ट्री से जुड़े शिकायतों में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. बिहार में राजस्व विभाग ने इसके लिए सॉफ्टवेयर डेवलप करने का निर्देश जारी कर दिया है. नीतीश सरकार नक्शा और जमीन से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारियों की मनमानी को रोकने के लिए उनकी कार्यशैली सुधारना चाहती है.

सरकार का मकसद है कि ऑनलाइन कंप्लेन सिस्टम के जरिए लोगों को तय समय सीमा के बीच और पारदर्शी तरीके से समस्या का निदान मिल जाए. जमीन के म्यूटेशन में दस्तावेजों की गड़बड़ियों की शिकायतों के समाधान के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. कई बार देखा गया है कि म्यूटेशन को सुधारने पर भी अशुद्धियां रह जाती हैं. इस सॉफ्टवेयर से जमीन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता तो रहेगी ही, अशुद्धियां भी कम होंगी.
 

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