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बिहार पुलिस के इन सात जांबाजों को पुरस्कृत करेंगे मुख्यमंत्री, वीरता को मिलेगा सम्मान

By Republichindi desk | Publish Date: 8/13/2019 10:38:18 AM
बिहार पुलिस के इन सात जांबाजों को पुरस्कृत करेंगे मुख्यमंत्री, वीरता को मिलेगा सम्मान
पटना: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार पुलिस के सात जांबाजों को पुरस्कृत करेंगे. हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अदम्य वीरता का परिचय देने वाले सात पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाता है. इस बार भी बिहार पुलिस के छह अधिकारी और एक सिपाही को पुरस्कृत किया जाएगा. पटना के गांधी मैदान में पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा.
 
इन सात जांबाजों को किया जाएगा पुरस्कृत
 
बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा संकल्प के मुताबिक बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स के पांच दरोगा सहित सात पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा. एसटीएफ के दारोगा बैजनाथ कुमार, संतोष कुमार सिंह, अमरेंद्र किशोर, विकास कुमार, देवराज इंद्र को पुरस्कृत किया जाएगा ये सभी पांच दरोगा एसटीएफ़ में पदस्थापित हैं. इनके अलावा नालंदा जिला में पदस्थापित दारोगा मो मुश्ताक और सिपाही पंकज कुमार भारती को भी पुरस्कृत किया जाएगा. इन सभी को प्रशस्ति पत्र तथा इक्यावन हजार रूपए पुरस्कार राशि के तौर पर दिए जाएंगे. दारोगा मुश्ताक भी पहले एसटीएफ में ही थे. कुछ दिनों पहले उनका तबादला नालंदा जिला में हुआ था. एसटीएफ के इन जांबाजों को उनकी वीरता, साहस, कर्तव्य परायणता तथा समर्पण सेवा के लिए पुरस्कृत किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने हेतु सात पुलिसकर्मियों का चयन किया जाता है.
 
एसटीएफ के जांबाजों ने तोड़ रखी है अपराधियों की कमर
 
मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार के लिए जिन सात पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है, उनकी सेवा वाकई निस्वार्थ, वीरतापूर्ण एवं पूर्ण समर्पण वाली है. एसटीएफ़ के इन पांच दारोगा विकास कुमार, बैजनाथ कुमार, संतोष कुमार सिंह, अमरेंद्र किशोर, देवराज इंद्र ने संगठित अपराधियों की कमर तोड़ रखी है. स्पेशल टास्क फोर्स के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप  एसओजी वन में शामिल पांच दारोगा अमरेंद्र किशोर, विकास कुमार, देवराज इंद्र संतोष कुमार, बैजनाथ कुमार ने संगठित अपराधियों की कमर तोड़कर रख दी है. गांजा तस्करों, हथियार तस्करों, पेशेवर अपराधियों, इनामी अपराधियों तथा दूसरे संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ इस टीम द्वारा काफी कारगर कार्रवाई की गई है. एसटीएफ़ के अधिकांश ऑपरेशनों को इन्हीं पांच लोगों ने सफलतापूर्वक बखूबी से अंजाम दिया है. कई खूंखार अपराधियों को इस टीम ने मार भी गिराया है. नालंदा जिला के दारोगा मो मुश्ताक की गिनती भी काबिल और तेजतर्रार पुलिस पदाधिकारियों में होती है. उन्होने भी अब तक कई सफल ऑपरेशन को बखूबी से अंजाम दिया है. दारोगा विकास कुमार पटना के मोकामा के रहने वाले हैं. देवराज इन्द्र शेखपुरा जिला के रहने वाले हैं. आरा के दो जांबाजों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. दारोगा अमरेन्द्र कुमार और संतोष कुमार आरा के रहने वाले हैं. बैजनाथ कुमार पटना के बख्तियारपुर के रहने वाले हैं.
 
जांबाजी और बहादुरी को सम्मान पर नहीं मिलता नौकरी में कोई लाभ
 
दरअसल मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीरता का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किए जाने वाला यह पुरस्कार बिहार का सबसे बड़ा पुरस्कार है. राष्ट्रपति वीरता पदक के बाद पुरस्कार के मामले में बिहार में इसी पुरस्कार का स्थान आता है. हर पुलिसकर्मी की दिली इच्छा होती है कि उसे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस सम्मान से नवाजा जाए लेकिन इस मामले का एक दुखद पक्ष यह भी है पुलिसकर्मियों को नौकरी के मामले में कोई लाभ नहीं मिल पता है. हैरानी इस बात की है कि जिन पुलिसकर्मियों का इस बार चयन हुआ है उन्हें पहले भी इस तरह के पुरस्कार मिल चुके हैं लेकिन सेवा में लाभ जैसी कोई बात नहीं होने से इन्हें पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र ही मिल पाता है. कई पुलिसकर्मी बताते हैं कि आउट ऑफ टर्न प्रमोशन या सेवा लाभ जैसी दूसरी सुविधाओं को भी इस पुरस्कार के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि निस्वार्थ, समर्पणभाव तथा अत्यंत बहादुरी से किए जाने वाले कार्यों को अंजाम देने वाले पुलिस कर्मियों का मनोबल और ज्यादा बढ़ाया जा सके.
 

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