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बाढ़ एनटीपीसी वाले लल्लू मुखिया पर लेडी सिंघम की जबरदस्त सर्जिकल स्ट्राइक, स्पीडी अनुसंधान का वार

By Republichindi desk | Publish Date: 2/25/2019 9:40:32 PM
बाढ़ एनटीपीसी वाले लल्लू मुखिया पर लेडी सिंघम की जबरदस्त सर्जिकल स्ट्राइक, स्पीडी अनुसंधान का वार

पटना: बाढ़ के एनटीपीसी में टेंडर मैनेजमेंट करने वाले एनटीपीसी के लल्लू मुखिया को काबू करने की कोशिशों में लगी लेडी सिंघम लिपि सिंह ने जबरदस्त कार्रवाई की है. भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी लिपि सिंह की कार्रवाई के दौरान पहले ही गिरफ्तार हो चुके एनटीपीसी के टेंडर माफिया लल्लू मुखिया पर स्पीडी अनुसंधान का जबर्दस्त प्रहार हुआ है. मात्र 6 दिनों के अंदर ही पुलिस ने स्पीडी अनुसंधान कर उसके खिलाफ जांच पूरी कर ली है. अब पुलिस उसके खिलाफ चार्जशीट दायर करने की तैयारी कर रही है.

हथियार भी होंगे रद्द, जल्द होगी चार्जशीट

लल्लू मुखिया पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. कार्रवाई को भले कुछ लोग राजनीति के नजरिए से देख रहे हैं लेकिन एक बात पूरी तरफ से साफ है यदि लल्लू मुखिया के गुर्गे हथियार नहीं चमकाते और उसके गुर्गे हथियार के बल पर रंगदारी वसूलते शराब के नशे में पकड़े नहीं जाते तो शायद यह कार्रवाई नहीं होती. इतना ही नहीं जिस लल्लू मुखिया पर कार्रवाई हुई है, पुलिस उसे पकड़ने भी नहीं गई थी बल्कि अपनी हनक दिखाते हुए खुद थाना पर आकर उसने अपनी निगरानी और जानकारी में वाहनों से वसूली करवाने की बात कबूल ली थी. हैरानी तो इस बात की है कि इतना बड़ा आर्थिक साम्राज्य चलाने वाला लल्लू मुखिया बिना अपने नाम या अपने परिजनों के नाम पर बंदोबस्ती लिए वसूली करवा रहा था और अपने ही मुंह से उसने स्वीकार कर लिया कि उसके लोग वसूली कर रहे थे और हथियार उसके भाई के ही हैं.

19 फरवरी को हुई थी लिपि सिंह की रेड

सहायक पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि गुलाब बाग के पास हथियारों के साथ कुछ लोग वाहनों से वसूली कर रहे हैं. इसके बाद एसपी ने बाढ़ थाना को कार्रवाई का आदेश दिया था. बाढ़ थाना द्वारा गुलाबबाग के पास की गई छापामारी के दौरान श्याम नाथ राय और देवानंद कुमार को शराब के नशे में पाया गया. दोनों के कंधे पर राइफल भी लटकी हुई थी. पूछताछ करने पर उन्होंने खुद को लल्लू मुखिया का आदमी बताया. पुलिस गिरफ्तार कर दोनों को थाने ले आई थी. थाना में हथियारों की जांच चल रही थी तो एक राइफल चेकोस्लोवाकिया की बनी मिली. मेड इन चेकोस्लोवाकिया विदेशी राइफल का लाइसेंस विजय कुमार सिंह के नाम से था. हालांकि लाइसेंस 2018 तक ही था. विजय लल्लू मुखिया का भाई है. बाद में खुद लल्लू मुखिया थाने पर आ गए और खुद से स्वीकार कर लिया कि उनके लोग वसूली कर रहे थे. पुलिस ने बंदोबस्ती के कागजात मांगे तो उन कागजातों को भी आरोपियों द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया था.

स्पीडी अनुसंधान कर जांच पूरी, अब होगी चार्जशीट

पुलिस ने इस मामले में अनुसंधान कर मामले की जांच पूरी कर ली है. सूत्रों की माने तो पुलिस का अनुसंधान प्रायः हर बिंदु पर पूरा कर लिया गया है. सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर करने का भी निर्देश थाना को दिया जा चुका है. इतना ही नहीं लाइसेंस भी रद्द करने की अनुशंसा जिलाधिकारी से की गई है. बाढ़ थाना की दलील है कि लाइसेंसी हथियार रखने के मानकों और नियमों का उल्लंघन किया गया है. सार्वजनिक जगहों पर इस तरह हथियार चमका कर आम लोगों के बीच दहशत पैदा करना किसी सूरत में उचित नहीं है. माना जा रहा है कि लाइसेंस का रिनुअल नहीं होना और नियमों का उल्लंघन करना अनुज्ञप्ति रद्द करने का मजबूत आधार है.

एएसपी बोली- सुरक्षा के लिए मिला है हथियार, बिना मतलब चमकाया तो खैर नहीं

सहायक पुलिस अधीक्षक ने लाइसेंसी हथियार रख कर इसका बिना वजह प्रदर्शन करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है. एएसपी ने कहा कि किसी सूरत में यह स्वीकार नहीं किया जाएगा कि आम लोगों पर रौब दिखाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल हो. एएसपी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह की कार्रवाई की गई तो सबों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.

 

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