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महागठबंधन में सीटों का बंटवारा आज संभव, टिकी निगाहें

By Republichindi desk | Publish Date: 3/20/2019 8:40:17 AM
महागठबंधन में सीटों का बंटवारा आज संभव, टिकी निगाहें

पटना: बिहार में महागठबंधन की सीटों का बंटवारा तय कर लिया गया है. सीटों के बंटवारे का ऐलान आज दोपहर तक हो सकता है. सीटों को लेकर दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की बैठक लगातार चल रही है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव दिल्ली में ही हैं. हर किसी की नजर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच हुई बातचीत पर टिकी हुई है.

राहुल और तेजस्वी के बीच हुई बातचीत

बिहार में महागठबंधन को बचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव से फोन पर बातचीत की है. कांग्रेस को उम्मीद है कि सीटों को लेकर फंसे पेंच पर आरजेडी के साथ बात बन सकती है. बिहार में महागठबंधन में बुधवार को सीटों के बंटवारे का एलान होने की संभावना है. आज महागठबंधन के घटक दल साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका एलान कर सकते हैं.

यह है सीट बंटवारे का प्रारूप

सूत्रों के मुताबिक आरजेडी 19, कांग्रेस नौ, आरएलएसपी पांच, हम तीन, वीआईपी दो और लेफ्ट के खाते में दो सीटों जाने की संभावना है. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने एलान कर दिया था कि वह बिहार में 11 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है. वहीं तेजस्वी यादव ने सीटों को लेकर फंसे पेंच पर बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना भी साधा था.

आरजेडी दे रही है कुर्बानी

महागठबंधन को बचाने के लिए आरजेडी ने कुर्बानी दी है. आरजेडी की इच्छा है कि वह 21 सीटों पर चुनाव लड़े. आरजेडी के सूत्रों की माने तो आरजेडी आलाकमान की इच्छा है कि वह 21 सीटों पर चुनाव लड़े और कांग्रेस आठ सीट, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा पांच, हम तीन और बाकी बची तीन सीटों पर विकासशील इंसान पार्टी और वामपंथी दल अपने-अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे. हालांकि पार्टी 19 सीटों पर सहमत हो रही है.

कांग्रेस के ऐलान से बिगड़ी थी स्थिति

इस बीच, कांग्रेस ने चार दिन पूर्व ही बिहार प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. कांग्रेस के एक नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में राजद के सर्वेसर्वा तेजस्वी यादव हैं. उनकी अति महत्वाकांक्षा के कारण स्थिति बिगड़ी है. एक ओर जहां वे सीट बंटवारे को लेकर ट्वीट कर नसीहत दे रहे हैं, वहीं अपनी सीटें कम करने को तैयार नहीं हैं, जबकि राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस की औकात आठ सीट पर तय की जा रही है.

दरभंगा और मधुबनी में फंसा है बड़ा पेंच

सूत्रों का कहना है कि राजद और कांग्रेस में दरभंगा और मधुबनी को लेकर पेंच फंसा हुआ है. राजद दरभंगा से जहां अली अशरफ फातमी को लड़ाना चाहता है, वहीं कांग्रेस मौजूदा सांसद कीर्ति आजाद को उतारना चाहती है. इसी तरह कांग्रेस मधुबनी में शकील अहमद को तो राजद अब्दुल बारी सिद्दीकी को लड़ाना चाहती है. दरभंगा से विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी ने भी दावा ठोका है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी पांच सीटें चाह रहे हैं. अब वामदलों के महागठबंधन का हिस्सा बनने की उम्मीद भी कम ही लगती है.

भाकपा (माले) ने आरा सीट से उतारा उम्मीदवार

भाकपा (माले) ने तो बिना किसी के इंतजार किए आरा सीट से अपने उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी. भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य कहते हैं कि महागठबंधन की बड़ी पार्टियों को छोटी पार्टियों को कमतर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिना वामपंथी दलों के सहयोग के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को रोक पाना असंभव है. उन्होंने छह सीटों की मांग करते हुए कहा कि आरा, सीवान, जहानाबाद के अलावा पाटलिपुत्र, काराकाट और कटिहार क्षेत्र में उनकी तैयारी है. 

 

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